जयपुर: राजस्थान में हर रोज 17 हज़ार से भी अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। अस्तालों में जहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं कई लोग घरों में ही आइसोलेट होकर अपना इलाज करवा रहे हैं। ऐसे लोगों तक ना तो सही वक़्त पर ऑक्सीजन पहुंच पा रही है और ना ही इलाज की जरूरी दवाईयां।

अब राजस्थान सरकार ने होम कोरेनटाईन वाले मरीजों की पहचान करके उन पर दवाईयों का नि:शुल्क किट पहुंचना शुरू कर दिया है। इस किट में पैरासीटामोल, लिवोसिट्राजिन सहित पांच तरह की दवाईयां होंगी।

इसके लिए नर्सिंग के विद्यार्थियों की मदद ली जाएगी। जयपुर के नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थी कुछ दिनों पहले बाकी स्कूल कॉलेजों की तरह इनके भी कोलेज में छुट्टी का एलान किया गया था लेकिन कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामले के चलते इन सबको वापस बुलाकर इनकी सेवायें लेने का फैसला किया गया।

राजस्थान में मेडिकल कोलेज के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को कोविड केयर सेंटर में दोक्तारसों की सहायता के कार्य में लगाया गया है हैं वहीं नर्सिंग विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमित मरीजों के दवाईयों के निशुल्क पैकिंग के काम में लगाया गया है।

दरअसल राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के इलाज की दवाईयां नि:शुल्क मिल रही है। लोग जांच के लिए आते तो हैं लेकिन संक्रमित होने की पुष्टि होने पर रिपोर्ट तक लेने नहीं आते। बाहर की दवाईयां महंगी हैं तो कई लोग उसे खाने से भी परहेज कर रहे हैं।

ऐसे में राजस्थान सरकार ने फैसला किया है की इन्फ्लुन्ज़ा इलनेस के मरीजों का घर घर जाकर पता किया जाएगा। इसके लिए बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और नरसिंह विद्यार्थियों की टीम भी बनायीं गयी है। ये लोग हर गली मोहल्ले में जाकर एसे मरीजों की पहचान करके उन्हें निशुल्क किट को देकर उसके उपयोग की जानकारी देने का काम करेंगे।

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