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भारत में कोरोना से मचा है हाहाकार, लेकिन दुनिया के इन सात देशों ने इस घातक वायरस पर पाई विजय

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कोरोना की विभीषिका क्या है, छिपी हुई बात नहीं है. वायरस के सबसे पावरफुल अटैक से जो कोहराम मचा हुआ है. जिस वक्त हिंदुस्तान, रूस, ब्राजील और सुपरपावर अमेरिका अपना पूरा फोकस और अपनी पूरी ताकत वायरस के खिलाफ झोंक रहे हैं, लेकिन ऐसे वक्त में दुनिया के 7 देश ऐसे हैं जिन्होंने वायरस पर विजय पा ली है. आखिर ये 7 देश कौन से हैं?

ब्रिटेन का एक छोटा सा ओवरसीज हिस्सा है जिब्राल्टर, ये स्पेन से सटा हुआ है. आज की तारीख में इस मुल्क में कोरोना का खौफ खत्म हो चुका है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि जिब्राल्टर ने अपनी पूरी आबादी को टीका लगवा दिया है. जिब्राल्टर की पूरी आबादी करीब 34 हजार है और हर शख्स को वैक्सीन लग चुकी है.

जिब्राल्टर में करीब दस हजार आबादी स्पेन की लोगों की है, जो यहां अस्थाई तौर पर काम करते हैं. इन 10 हजार लोगों को भी वैक्सीन की डोज लग चुकी है. 14 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच यहां कोरोना का सिर्फ एक मरीज मिला है.

आइसलैंड से गायब हुआ कोरोना का खौफ

यूरोपीय देश आइसलैंड ने 6 अप्रैल से ही अपनी जमीन को सैलानियों के लिए खोल दिया है. हालांकि सैलानियों को अपने साथ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट लाना जरूरी है. आइसलैंड में कोरोना से अब तक सिर्फ 29 मौतें हुई हैं और यहां हर हफ्ते औसतन सिर्फ 14 केस सामने आ रहे हैं. आइसलैंड ने कोरोना का पहला मरीज मिलने से दो महीने पहले ही अपने यहां नेशनल पेंडमिक प्लान लागू कर दिया. इसके तहत जनवरी में ही इस देश में आइसोलेशन, क्वारंटीन और कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग जैसे विकल्पों पर काम शुरू हो गया था. इसीलिए आज इस देश में वायरस का खौफ किसी को नहीं है.

माल्टा से भी कोरोना की छुट्टी

वायरस को छुट्टी पर भेजने वाले मुल्कों में तीसरे नंबर पर है माल्टा. इस यूरोपीय देश में हर रोज 60 से भी कम संक्रमित सामने आ रहे हैं. कोरोना काल के 16 महीनों में यहां वायरस से सिर्फ 411 जानें गई हैं. माल्टा सरकार ने कठोर प्रतिबंध लगाकर ये उपलब्धि हासिल की है.

न्यूजीलैंड कोविड फ्री पहला देश बना था

कोरोना के खिलाफ सबसे प्रभावशाली ढंग से जंग लड़ने वालों में अगला नाम है न्यूजीलैंड का. न्यूजीलैंड कोविड फ्री घोषित होने वाला पहला देश बना था. न्यूजीलैंड की इस कामयाबी के पीछे सॉलिड वजह है. न्यूजीलैंड उन देशों में शामिल था जिन्होंने सबसे पहले अपनी सीमा सील की थी. इसके अलावा यहां का क्वारंटीन नियम भी सबसे बेहतर था. कोरोना के खतरे को देखते हुए जीनोम सिक्‍वेंसिंग और एपिडेमियोलॉजी की मदद लेने वाला न्यूजीलैंड पहला देश था और आज इसी मॉडल को कई देश अपना रहे हैं. न्यूजीलैंड में कोरोना से अब तक सिर्फ 26 लोगों की मौत हुआ और महज 2600 लोग संक्रमित हुए.

इजरायल में मास्क लगाने की जरूरत नहीं

19 अप्रैल को इजरायल ने ये ऐलान कर के पूरी दुनिया को चौंका दिया कि अब वहां मास्क लगाने की जरूरत नहीं है. इजरायल में 16 साल से अधिक उम्र के 81 फीसदी लोगों को कोरोना की दोनों डोज लग चुकी है और यहां हर हफ्ते औसतन 130 केस सामने आ रहे हैं यानी हर रोज 20 से भी कम इसीलिए इजरायल ने कोरोना मुक्त होने का ऐलान कर दिया है.

ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड से भी गायब हुआ कोरोना

इन 5 देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड भी उन देशों में शामिल हैं, जहां वायरस पर ब्रेक लग गया है. एक चीज तो हर 7 देश में कॉमन है, यहां सरकार के कठोर फैसलों के साथ नागरिकों का अनुशासनात्मक रवैया भी कोविड वायरस को खदेड़ने के लिए जिम्मेदार है. नागरिकों ने खुद वायरस के खिलाफ सख्ती की. पब्लिक गैदरिंग को टाला. साफ सफाई का ध्यान रखा, मास्क लगाया तभी ये दिन मयस्सर हुआ है.

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