Home बीकानेर कोरोना मरीज बढ़ने की वजह से बीकानेर में भी ऑक्सीजन की किल्लत

कोरोना मरीज बढ़ने की वजह से बीकानेर में भी ऑक्सीजन की किल्लत

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बीकानेर। कोरोना मरीज बढ़ने की वजह से बीकानेर में भी ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है। हालांकि पिछले चार-पांच दिनों से चल रही किल्लत को अब कुछ मैनेज किया गया है। प्राइवेट अस्पतालों को पिछले दो दिनों में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिले। वहीं आज पांच-पांच सिलेंडर ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई गई है।

पीबीएम अस्पताल को भी जरूरत की साठ प्रतिशत तक ही ऑक्सीजन मिल पा रही है। पीबीएम को प्रतिदिन 1200 सिलेंडर की जरूरत थी, लेकिन प्रशासन आठ सौ सिलेंडर दे पाने में ही सक्षम था। अब यह जरूरत बढ़कर 1300-1400 सिलेंडर प्रतिदिन तक पहुंच रही है। लेकिन उपलब्धता अब भी 800 सिलेंडर की ही संभव है।  डॉक्टरों को निर्देश है कि वे मरीजों को ऑक्सीजन उतनी ही दें जितने में वे खतरे से बाहर आ जाए। इसलिए प्रेशर कम रखा जा रहा है। हालांकि ऑक्सीजन की अनुपलब्धता की वजह से मजबूरन ऐसा करना पड़ रहा है, ताकि काम निकलता रहे।

प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश है कि वे गंभीर मरीजों को अपने अस्पताल में भर्ती ना करके सीधे पीबीएम में ही भेजें। ऐसे में प्राइवेट अस्पताल भी आर्थिक असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों का कहना है कि उन्होंने करोड़ों रूपए खर्च कर दिए, अब अगर ऑक्सीजन नहीं मिलेगी तो वे आर्थिक संकट में आ जाएंगे।

ऐसा ही हाल सेवा के उद्देश्य से चलाई जा रही महावीर रांका की ऑक्सीजन बैंक का है। दो-तीन बाद गुरूवार को उन्हें बीस सिलेंडर उपलब्ध हुए। वहीं शुक्रवार को ख़बर लिखने तक सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पाए थे। इस किल्लत की वजह से होम आइसोलेशन के मरीजों को अत्यधिक परेशानी हो रही है। रांका ने कहा कि वे हर शर्त पर तैयार है, बस उन्हें सिलेंडर मिले ताकि जरूरतमंदों की सेवा की जा सके।

बीकानेर में ऑक्सीजन की यह प्राथमिक कमी आने वाले बड़े खतरे से पहले की चेतावनी है। बता दें कि देशभर के कई शहरों में ऑक्सीजन की किल्लत ने तांडव मचाया है। ऐसे में बीकानेर के हर नागरिक को अब जिम्मेदार बन जाना चाहिए। अगर ऐसे ही कोरोना मरीज बढ़ते रहे तो कितनी भी ऑक्सीजन और संसाधन उपलब्ध हो कम ही पड़ेंगे। अगर बीकानेर अब भी नहीं संभला तो ऑक्सीजन की यह कमी बढ़ने वाली है।

अब देखना यह है कि प्रशासन पीबीएम से बाहर के मरीजों की जरूरत किस हद तक पूरी कर पाता है। बता दें कि पीबीएम से बाहर प्राइवेट अस्पतालों व घरों में मरीज़ आइसोलेट हैं। घरों में आइसोलेट मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने में रांका की ऑक्सीजन बैंक बड़ा योगदान दे रही थी, लेकिन अब सप्लाई रुक जाने से बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही हाल प्राइवेट अस्पतालों का है। बहरहाल प्रशासन को पीबीएम के बाहर होम आइसोलेट मरीजों, प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों व पोस्ट कोविड मरीजों पर विचार करना चाहिए।

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