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फ्लाइट में जन्मे बच्चे के जन्म प्रमाण-पत्र के लिए एयरपोर्ट प्रशासन जल्द देगा चिट्ठी

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22 दिन पहले फ्लाइट में जन्म लेने वाले मासूम के जन्म प्रमाण-पत्र (Birth certificate) को लेकर आ रही अड़चनें दूर हो गई हैं. न्यूज 18 की मुहिम के बाद जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन (Airport administration) भी हरकत में आ गया है. एयरपोर्ट प्रशासन जल्द ही अब नवजात के जन्म प्रमाण-पत्र के लिए अपनी तरफ से पत्र जारी (Letter issued) करेगा. मासूम के जन्म प्रमाण-पत्र को लेकर भटक रहे उसके परिजनों की पीड़ा को न्यूज 18 ने पूरी शिद्दत के साथ उठाया था. बच्चे के जन्म के बाद उसके जन्म प्रमाण-पत्र बनाने में आई दिक्कतों के कारण यह मामला सुर्खियों में बना हुआ था.

22 मार्च को ललिता नाम की महिला बेंगलुरु से जयपुर आने के लिए फ्लाइट में बैठी थी.

ये महिला अजमेर के ब्यावर की रहने वाली है. सफर के दौरान जैसे ही जयपुर नजदीक आने लगा तो ललिता को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. फ्लाइट इंडिगो एयरलाइंस की थी. आनन फानन में इंडिगो के स्टाफ ने उड़ते प्लेन में ही एक महिला चिकित्सक और क्रू मेंबर के सहयोग से सफल प्रसव करवाया. उसके बाद जच्चा और बच्चा सकुशल जयपुर लैंड कर गए.

यहां से शुरू हुआ परेशानियों का सिलसिला
कहानी में पेचीदगी यहीं से शुरू होती है. ललिला और उसके पति भैंरू सिंह अजमेर जिले में स्थित अपने गांव पहुंचकर बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनावाने की इच्छा जताते हैं. लेकिन सरकारी दफ्तर उसके जन्म की जगह पूछता है. दंपति जन्म की जगह आसमान और प्लेन को बताते हैं तो सरकारी दफ्तर इस आधार पर सर्टिफिकेट देने से मना कर देते हैं. जानकारी और सही गाइडेंस के अभाव में मासूम के पिता भैरूं सिंह गत करीब एक सप्ताह से सरकारी कार्यालयों में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो जाते हैं. मामले को सुलझाने के लिए न्यूज18 की टीम जुटती है और नगर निगम के दफ्तर से लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिगो एयरलाइंस से बात करती है

इंडिगो साफ तौर पर झाड़ा पल्ला
इंडिगो साफ तौर पर इस मामले में पल्ला झाड़ लेता है. उसका कहना है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि बच्चे को एयरलाइंस सर्टिफिकेट जारी करें. न्यूज18 की टीम जयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात करती है. वहां भी यही जवाब मिलता है लेकिन वहां एक रास्ता भी सुझाया जाता है. जयपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर कहते हैं कि अगर बच्चे के माता पिता उनके यहां लिखित आवेदन करते हैं तो वो एयरपोर्ट पर घटित हुई पूरी प्रसव प्रक्रिया के बारे में लिखकर देने को तैयार हैं. इस लिखित दस्तावेज को नगर निगम में दिखाकर बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है. इस जटिलता को न्यूज18 ने सामाजिक सरोकार की तरह लिया और अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट बनाने का रास्ता निकाला. अब देर बस इस बात की है कि बच्चे के माता पिता को जयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी से संपर्क करना है.

दिल्ली में इसी तरह का वाकया सामने आया था
इससे पहले भी दिल्ली में इसी तरह का वाकया सामने आया था. उस बच्चे के माता-पिता को भी इसी समस्या से गुजरना पड़ा था. एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों की कोई गाइडलाइन सरकार की तरफ से उनके पास नहीं है. बात सही भी है कि ऐसे मामले विरले ही सामने आते हैं. उम्मीद की जा रही है ऐसे मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार कोई गाइडलाइन जारी कर सकती है.

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