Home देश मन की बात : कोरोना के बीच त्योहारों पर बोले PM मोदी,...

मन की बात : कोरोना के बीच त्योहारों पर बोले PM मोदी, दोहराया ‘दवाई भी-कड़ाई भी’ का मंत्र

0

मन की बात ( Mann ki Baat ) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं. ‘मन की बात’ (Mann ki Baat) कार्यक्रम की यह 75वीं कड़ी है. रेडियो के अलावा आप कई प्लेटफॉर्म पर इस कार्यक्रम को सुन सकते हैं. मालूम हो कि साल 2014 में जब से नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से यह कार्यक्रम महीने के हर आखिरी रविवार को आयोजित किया जाता है. मार्च महीने के मध्य में प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे भारत के लोगों से इस कार्यक्रम के लिए उनके विचार सुझाव मांगे थे.

‘मन की बात’ के श्रोताओं का आभार जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत में ‘मन की बात’ के श्रोताओं का आभार जताया है. उन्होंने बहुत से लोगों ने अपने संदेश भेजे हैं. कई लोगों ने कई बड़ी महत्वपूर्ण बात कही है. उन्होंने बताया कि यह ‘मन की बात’ का 75वां संस्करण है. मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं कि आपने इतनी बारीक नजर से ‘मन की बात’ को फॉलो किया है आप जुड़े रहे हैं. ये मेरे लिए बहुत ही गर्व का विषय है, आनंद का विषय है. उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के सभी श्रोताओं का आभार व्यक्त करता हूं, क्योंकि आपके साथ के बिना ये सफर संभव ही नहीं था.

पीएम मोदी ने होलिका दहन का जिक्र किया

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसा लगता है, मानो ये कल की ही बात हो, जब हम सभी ने एक साथ मिलकर ये वैचारिक यात्रा शुरू की थी. तब 3 अक्टूबर, 2014 को विजयादशमी का पावन पर्व था संयोग देखिये, कि आज होलिका दहन है. एक दीप से जले दूसरा राष्ट्र रोशन हो हमारा, इस भावना पर चलते-चलते हमने ये रास्ता तय किया है. हम लोगों ने देश के कोने-कोने से लोगों से बात की उनके असाधारण कार्यों के बारे में जाना. आपने भी अनुभव किया होगा, हमारे देश के दूर-दराज के कोनों में भी, कितनी अभूतपूर्व क्षमता पड़ी हुई है. भारत मां की गोद में, कैसे-कैसे रत्न पल रहे हैं.

75वें एपिसोड तक क्या क्या रहे किस्से, मोदी ने बताया

नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘इन 75 एपिसोड के दौरान कितने-कितने विषयों से गुजरना हुआ. कभी नदी की बात तो कभी हिमालय की चोटियों की बात, तो कभी रेगिस्तान की बात, कभी प्राकृतिक आपदा की बात, तो कभी मानव-सेवा की अनगिनत कथाओं की अनुभूति, कभी टेक्नोलॉजी का आविष्कार, तो कभी किसी अनजान कोने में, कुछ नया कर दिखाने वाले किसी के अनुभव की कथा.’ मोदी ने कहा कि ये अपने आप में भी एक समाज के प्रति देखने का, समाज को जानने का, समाज के सामर्थ्य को पहचानने का, मेरे लिए तो एक अद्भुत अनुभव रहा है. इस दौरान हमने समय-समय पर महान विभूतियों को श्रद्धांजलि दी, उनके बारे में जाना, जिन्होंने भारत के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया है. हम लोगों ने कई वैश्विक मुद्दों पर भी बात की, उनसे प्रेरणा लेने की कोशिश की है.

उन्होंने कहा कि मैं आज इस 75वें एपिसोड के समय सबसे पहले ‘मन की बात’ को सफल बनाने के लिए, समृद्ध बनाने के लिए इससे जुड़े रहने के लिए हर श्रोता का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं. देखिये कितना बड़ा सुखद संयोग है कि आज मुझे 75वीं ‘मन की बात’ करने का अवसर यही महीना आज़ादी के 75 साल के ‘अमृत महोत्सव’ के आरंभ का महीना. मोदी ने कहा कि अमृत महोत्सव दांडी यात्रा के दिन से शुरू हुआ था 15 अगस्त 2023 तक चलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि किसी स्वाधीनता सेनानी की संघर्ष गाथा हो, किसी स्थान का इतिहास हो, देश की कोई सांस्कृतिक कहानी हो, ‘अमृत महोत्सव’ के दौरान आप उसे देश के सामने ला सकते हैं, देशवासियों को उससे जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं.

आजादी के ‘अमृत महोत्सव’ का मतलब समझाया

आजादी के ‘अमृत महोत्सव’ का मतलब यही है कि हम नए संकल्प करें. उन संकल्पों को सिद्ध करने के लिए जी-जान से जुट जाएं संकल्प वो हो जो समाज, देश की भलाई, भारत के उज्जवल भविष्य के लिए हो तथा संकल्प वो हो, जिसमें, मेरा, अपना, स्वयं का कुछ-न-कुछ जिम्मा हो, मेरा अपना कर्तव्य जुड़ा हुआ हो. मुझे विश्वास है कि गीता को जीने का ये स्वर्ण अवसर, हम लोगों के पास है.

पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू का जिक्र किया

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ये मार्च का ही महीना था, देश ने पहली बार जनता कर्फ्यू शब्द सुना था. लेकिन इस महान देश की महान प्रजा की महाशक्ति का अनुभव देखिये कि जनता कर्फ्यू पूरे विश्व के लिए एक अचरज बन गया था. उन्होंने कहा कि अनुशासन का ये अभूतपूर्व उदहारण था, आने वाली पीढ़ियां इस एक बात को लेकर जरूर गर्व करेगी. उन्होंने आगे कहा कि हमारे कोरोना वॉरियर्स के प्रति सम्मान आदर के लिए भी लोगों का थाली बजाना, ताली बजाना, दिया जलाना उनके दिल को छू गया था. इसी कारण कोरोना वॉरियर्स सालभर डटे रहे.

दोहराया ‘दवाई भी-कड़ाई भी’ का मंत्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम चल रहा है. इन सबके बीच, कोरोना से लड़ाई का मंत्र भी जरुर याद रखिए- ‘दवाई भी-कड़ाई भी’. उन्होंने कहा कि सिर्फ मुझे बोलना है- ऐसा नहीं, हमें जीना भी है, बोलना भी है, बताना भी है. लोगों को ‘दवाई भी-कड़ाई भी’ मंत्र के लिए प्रतिबद्ध बनाते रहना भी है.

- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here