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दर्दनाक कहानी: रास्ते से ही पत्नी ने फोन कर कहा था- आधा घंटे में आपके पास पहुंच जाऊंगी, पति खाना छोड़ इंतजार में बैठ गया कि साथ ही खाएंगे; फिर घर पहुंची सिर्फ लाश

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जिले के लखुवाली में चार लोगों की कार समेत नहर में डूबने से मंगलवार रात करीब 10 बजे मौते हो गई। इनमें एक महिला सुनिता भाटी भी शामिल थीं, जो विनोद अरोड़ा के परिवार के साथ सीकर से संगरिया आ रही थीं। हादसे के वक्त सुनीता ही थी जिसने घटना से कुछ देर पहले और घटना के वक्त पति से बात की। भास्कर ने सुनीता के पति से हादसे की पूरी कहानी जानीं।

सुनीता के पति संदीप भाटी ने बताया- मंगलवार रात घटना से करीब 15 मिनट पहले 9:45 बजे सुनीता का पहला फोन आया था। जिस समय उसका फोन आया, तब तक मुझे पता नहीं था कि सुनीता संगरिया आ रही है, मेरे पास। सुनीता ने तब ही बताया कि वह कार से रावतसर पहुंच चुकी है और आधा घंटे में मेरे पास पहुंच जाएगी। इससे पहले उसने मुझे सरप्राइज देने के लिए ही यह बात छुपाई, लेकिन मिलने से सिर्फ आधा घंटे पहले उसने यह बात बता दी। मैं बहुत खुश था। जिस समय फोन आया, मैंने खाना परोसा हुआ था और बस खाने के लिए बैठने ही वाला था। मैंने खाना छोडा, एक तरफ उठाकर रख दिया, और बोला- अब तुम आओगी तब साथ ही खाएंगे। इसके बाद किताब पढ़ने बैठ गया।

पत्नी बोली- मैने गाड़ी बैक कर लगाने के लिए कहा था

संदीप ने भास्कर को बताया- करीब 15 मिनट बाद यानी रात 10:01 बजे सुनीता का फिर फोन आया। फोन उठाते ही उसने बोला- हम पानी में गिर गए हैं। गाड़ी नहर में गिर गई है। इसके साथ पत्नी फोन पर विनोद अरोड़ा को कहती सुनाई दी की गियर लगाइये। घबराई सुनीता की बात फोन पर सुनाई देती रही। वह बाेल रही थी, मैने गाड़ी बैक करके लगाने के लिए कहा था और उन्होंने किनारे पर ही लगा दी। इसके बाद चीख पुराकर मचने लगी।

गुरुवार दिन में नहर से बाहर निकाली गई थी कार।

गुरुवार दिन में नहर से बाहर निकाली गई थी कार।

मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर मौके पर पहुंचा

शोर के बीच मोबाइल बंद हो गया। करीब 1 मिनट 50 सेकंड तक कॉल चली। फोन बंद होते ही मैने 100 नंबर पर फोन कर जानकारी दी। उन्होंने मुझे रावतसर पुलिस का नंबर दिया। इस दौरान दोस्त से पत्नी का मोबाइल ट्रैस करने के लिए कहा। इसके बाद परिचित की गाड़ी से मौके पर पहुंचे। जहां विनोद का परिवार पहले ही पहुंच चुका था। गाड़ी का चालक रमेश मौके पर दूसरी गाड़ी में बेसुध पड़ा था। पत्नी की डूबने की सूचना मिलते ही मैं भी होश खो बैठा था।

दोनों बच्चों के साथ सीकर रहती थी पत्नी

सुनिता को बुधवार शाम करीब 5 बजे गांव नगराना में मुखाग्नि दी गई। सुनिता और संदीप भाटी के एक बेटा एकलव्य और एक बेटी काजल है। दोनों सीकर में ही कोचिंग में पढ़ रहे थे। सुनीता दोनों के साथ सीकर ही रहती थी। वह विनोद अरोड़ा की गाड़ी में एक सीट खाली होने के कारण साथ आ रही थी। संदीप भाटी गांव फतेहगढ़ के सरकारी स्कूल में लेक्चरर हैं।

 

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