Home बीकानेर अंसल कॉलोनाइजर्स ने की ग्राहक के साथ धोखाधड़ी,लौटानी होगी राशि

अंसल कॉलोनाइजर्स ने की ग्राहक के साथ धोखाधड़ी,लौटानी होगी राशि

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बीकानेर। आमतौर पर स्वप्नबाग दिखाकर लोगों को प्लॉट बेचने के धोखाधड़ी के अनेक मामले आ रहे है। जिसको लेकर अब पीडि़त डवलपर्स से न्याय न मिलने पर न्यायालयों की शरण ले रहे है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें अंसल कॉलोनाइजर्स एंड डेवलपर्स ने अपने एक ग्राहक के साथ धोखाधड़ी की है। जिसको लेकर पीडि़ता ने स्थाई लोक अदालत में वाद दायर किया। जिसका फैसला सुनाते हुए अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा और सदस्य दयाराम गोदारा ने पीडि़ता को 23,68,000 रूपये का भुगतान दो माह में करने के निर्देश अंसल डेवलपर्स को दिए है।

यहीं नहीं उच्चतम न्यायालय के न्यायिक दृष्टांत 2019 के एक फैसले का हवाला देते हुए 18 दिसम्बर 2017 से 10.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ताअदायगी ब्याज,मानसिक,शारीरिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति स्वरूप दो लाख रूपये तथा परिवाद खर्च के रूप में पचास रूपये देने को कहा है। परिवादिया तेलीवाड़ा निवासी सुशीला देवी पत्नी माणक मोहता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता महेश पुरोहित व अनिल बजाज ने बताया कि परिवादिया ने अंसल कॉलोनाइजर्स ने जैसलमेर रोड स्थित अंसल कॉलोनी में प्लॉट बी-0116 खरीद के लिये 8 जून 2013 को एक एग्रीमेन्ट किया। जिसमें निर्माण सहित इस प्लॉट की कीमत 26,9700 रूपये कंपनी को किश्तों में देना तय हुआ।

कंपनी से हुए करार के अनुसार परिवादिया को 48 माह या विशेष परिस्थितियों में 54 महीने में निर्मित मकान की सुपुदगी करना भी तय किया गया। शर्त अनुसार परिवादिया ने 23,68,000 रूपये का भुगतान मय सर्विस टैक्स करवा दिया। लेकिन अंसल कॉलोनाइजर्स की ओर से समय अवधि बीत जाने के बाद भी परिवादिया को मकान की सुपुर्दगी नहीं की। इस पर जनवरी 19 में परिवादिया की ओर से कंपनी को नोटिस दिया गया। जिस पर जबाब देते हुए कंपनी के अधिवक्ता ने कहा कि प्रार्थीया ने दो विला की बुकिंग आवासीय नहीं कर व्यावसायिक प्रायोजन के लिये की है। परिवादिया की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों पर स्थाई लोक अदालत के पैनल ने कंपनी को दोषी माना और उपभोक्ता सेवा में कमी मानते हुए अदालत को भ्रमित करने की बात कही।

 

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