ग्राम विकास अधिकारियों ने प्रशासन गांव के संग अभियान के प्री कैंप एवं गांव सभाओं के बहिष्कार का किया निर्णय

ग्राम विकास अधिकारियों ने प्रशासन गांव के संग अभियान के प्री कैंप एवं गांव सभाओं के बहिष्कार का किया निर्णय
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जयपुर 25 , सितंबर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के 11 सूत्री मांग पत्र को लेकर 1 सितंबर से चल रहे आंदोलन के  चरण में आज प्रदेश के 33 जिला मुख्यालयों  पर 10 हजार  ग्राम विकास अधिकारियो के द्वारा धरना प्रदर्शन कर सरकार का ध्यानाकर्षण किया गया।

राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ अपने 11 सूत्री मांग पत्र को लेकर विगत 3 वर्षों से लगातार ज्ञापन देकर शासन एवं सरकार का ध्यान आकर्षण कर रहा है लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों एवम् नो  लिखित समझौतो के बाद भी शासन एवम् सरकार के द्वारा मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जा रही है ।
शासन एवं सरकार के उपेक्षात्मक रवैए से आहत होकर प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारियो ने प्रशासन गांव के संग अभियान से ठीक पहले सरकार एवं शासन पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन प्रारंभ किया है । 16 अगस्त को प्रदेश के समस्त ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम आग्रह पत्र दिया गया एवम 26 अगस्त को प्रदेश के समस्त निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आग्रह पत्र भेटकर मांगो पर सकारात्मक कार्यवाही की मांग की गई ।

इसके पश्चात भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्राम विकास अधिकारियो ने 1 सितंबर से समस्त ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर रखा है एवं 8 सितंबर से समस्त राजकीय व्हाट्सएप ग्रुप से लेफ्ट हो गए।।

प्रदेश के 33 जिलों पर धरना प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे ग्राम विकास अधिकारियों ने सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए आज धरना स्थल से ही प्रशासन गांवों के संग अभियान के प्री कैंपस एवम् गांव सभाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया है।बीकानेर जिला मुख्यालय पर
 धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष श्री मनोज सुथार ने बताया कि प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारी सरकार की सर्वाधिक जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करते है लेकिन राज्य सरकार एवं पंचायती राज विभाग रिक्त पदों पर भर्ती एवं 5 वर्षो से लंबित पदोन्नति , जिला कैडर परिवर्तन नीति जैसी सामान्य प्रशासनिक मांग भी पूर्ण नहीं कर रहा है।

इससे प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारियों में जबरदस्त आक्रोश है।
जिला प्रतिनिधि बीकानेर श्री लालचंद पड़िहार ने बताया कि यदि सरकार के द्वारा हमारी मांगों का शीघ्र निस्तारण नहीं किया जाता है तो ग्राम विकास अधिकारी संघ आर पार का संघर्ष करेगा एवं  2 अक्टूबर से आयोजित होने वाले  प्रशासन गांवों के संग अभियान का पूर्ण बहिष्कार करेगा।
धरने में जिला मीडिया प्रभारी भागीरथ आचार्य, प्रदेश प्रतिनिधि बनवारीलाल गुर्जर,कोषाध्यक्ष मनोज सिसोदिया,संयुक्त मंत्री लक्ष्मीनारायण उपाध्याय,सभी ब्लॉकों के जिला प्रतिनिधि ब्लॉक अध्यक्ष,ब्लॉक मंत्रियों के अलावा सुरेश कुमार,किशन स्वामी,चिरंजीव शर्मा,शकुंतला यादव,रामेश्वरी, संतोष,मिलन यादव,संदीप मनोज बिश्नोई,अशोक खीचड़,फल्कशेर राजाराम चौधरी,विशाल मीणा, रविन्द्र बालेचा,जगदीश पुरोहित मनोज जोशी,देवराज सिंह,अभिषेक उपाध्याय,हरतेज सिंह हुंदल,व सभी ब्लॉकों के ग्राम विकास अधिकारियों ने भाग लिया। मंच संचालन लक्ष्मीनारायण ने किया।

 यह है  मुख्य मांगे ।
ग्राम विकास अधिकारियों की वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे 3600/ करना ।
9,18 एवं 27 वर्ष की सेवा पर एसीपी के स्थान पर पदोन्नति पद का चयनित वेतनमान स्वीकृत करना।

4000 रिक्त पदों पर भर्ती करना।
जिला केडर परिवर्तन नीति लागू करना, 

5 वर्षों से लंबित पदोन्नतियां करना, 

केडर स्ट्रैंथन के लिए उच्च पद स्वीकृत करना, डी आर डी ए कार्मिकों को नियमित करना ,  नो लिखित समझौते लागू करना तथा ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन जटिलताओं को दूर करना, पट्टो के नामांतरण, रूपांतरण, हस्तांतरण एवं बटवारा की प्रक्रिया जारी करना, जटिल निर्माण नीति को सरल करना एवं पावर ऑफ शेड्यूल को संशोधित करना।

 यह कार्य होंगे प्रभावित 
ग्राम विकास अधिकारियों के आंदोलन से सर्वाधिक प्रभाव प्रशासन गांव के संघ अभियान पर पड़ेगा क्योंकि इन अभियानों की समस्त व्यवस्थाएं व व्यक्तिगत लाभ के अधिकांश कार्य ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ही संपादित किए जाते हैं 


इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में महानरेगा योजना में नियोजित होने वाले लाखों श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे, सात लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास योजना के  लाभार्थी प्रभावित होंगे , स्वच्छ भारत मिशन योजना पूरी तरह प्रवाहित होगी, केंद्रीय वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग के द्वारा किए जाने वाले  समस्त विकास कार्य ठप हो जाएंगे जन्म एवम्  मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन, जनाआधार सत्यापन, खाद्य सुरक्षा योजना, सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता विभाग की समस्त योजनाएं पूरी तरह ठप हो जाएगी।

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Jaipur 25 , September In the phase of the ongoing agitation from September 1 regarding the 11-point demand letter of the Rajasthan Village Development Officers' Association, the attention of the government was drawn by holding a sit-in demonstration by 10,000 village development officers at 33 district headquarters of the state.

Rajasthan Village Development Officers Association has been attracting the attention of the government and the government by giving memorandum continuously for the last 3 years regarding its 11-point demand letter, but even after the instructions of the Chief Minister's office and no written agreements, the government and the government did not take any positive action on the demands. Its being done .
Hurt by the neglectful attitude of the government and the government, the village development officers of the state have started a movement to put pressure on the government and the government just before the campaign with the village administration. On August 16, all the block and district level officers of the state were given letter of request in the name of the Chief Minister and on August 26, all the elected public representatives of the state were sent a letter of request, demanding positive action on their demands.

Even after this, if action is not taken, the Village Development Officers have boycotted all the online works from 1st September and left all the state WhatsApp groups from 8th September.

In order to increase the pressure on the government, the village development officers, who are attracting the attention of the government by holding a sit-in in 33 districts of the state, have decided to boycott the pre-campus and village meetings of the campaign with the administration villages from the site of the protest. Bikaner District Headquarters Feather
Addressing the dharna, District President Shri Manoj Suthar said that the State Rural Development Officers implement most of the welfare schemes of the Government on the ground, but the State Government and Panchayati Raj Departments are recruiting vacant posts and promotions pending for 5 years, district cadre change. Even the general administrative demand like policy is not being fulfilled.

Due to this there is tremendous resentment among the village development officers of the state.
District representative Bikaner Shri Lalchand Padihar told that if our demands are not resolved soon by the government, then the Village Development Officer will fight across the union and the administration will completely boycott the campaign to be organized from October 2.
District media in-charge Bhagirath Acharya, state representative Banwarilal Gurjar, treasurer Manoj Sisodia, joint minister Laxminarayan Upadhyay, district representative of all blocks, block president, besides block ministers Suresh Kumar, Kishan Swami, Chiranjeev Sharma, Shakuntala Yadav, Rameshwari, Santosh, Milan Yadav, Sandeep Manoj Bishnoi, Ashok Khichad, Falksher Rajaram Chaudhary, Vishal Meena, Ravindra Balecha, Jagdish Purohit Manoj Joshi, Devraj Singh, Abhishek Upadhyay, Hartej Singh Hundal, and village development officers of all the blocks participated. Laxminarayan conducted the stage.

This is the main demand.
To remove the pay discrepancy of village development officers and make the grade pay 3600/-.
To approve the selected pay scale of promotion post in place of ACP on 9, 18 and 27 years of service.

To recruit 4000 vacancies.
implementation of district cadre change policy,

Making promotions pending for 5 years,

Sanctioning higher posts for cadre strengthening, regularizing DRDA personnel, implementing non-written agreements and removing online complications at gram panchayat level, issuing process of conversion, conversion, transfer and distribution of leases, complex construction Simplifying policy and revising power off schedule.

This work will be affected
The movement of Village Development Officers will have the greatest impact on the Sangh Abhiyan of the village administration because all the arrangements for these campaigns and most of the work for personal benefit are done by the Village Development Officer.
Apart from this, lakhs of workers employed in the MahaNREGA scheme in rural areas will become unemployed, more than seven lakh beneficiaries of Pradhan Mantri Awas Yojana will be affected, the Swachh Bharat Mission scheme will flow completely, to be done by the Central Finance Commission and the State Finance Commission. All development work will come to a standstill, all the schemes of the birth and death registration, marriage registration, Jan Aadhar verification, food security scheme, social justice and empowerment department will come to a standstill.