वेतन विसंगति कमेटी का कार्यकाल बढ़ने से 62 हजार मंत्रालयिक कर्मचारियों में रोष व्याप्त । हजारों मंत्रालयिक कर्मचारी कल से प्रदेश की राजधानी मे डालेगें महापडाव

वेतन विसंगति कमेटी का कार्यकाल बढ़ने से 62 हजार मंत्रालयिक कर्मचारियों में रोष व्याप्त । हजारों मंत्रालयिक कर्मचारी कल से प्रदेश की राजधानी मे डालेगें महापडाव
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वेतन विसंगति कमेटी का कार्यकाल बढ़ने से 62 हजार मंत्रालयिक कर्मचारियों में रोष व्याप्त । हजारों मंत्रालयिक कर्मचारी कल से प्रदेश की राजधानी मे डालेगें महापडाव

जयपुर/ , 14 अगस्त । अखिल राजस्थान संयुक्त मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ स्वतंत्र ने राज्य सरकार द्वारा वेतन विसंगति कमेटी का कार्यकाल लगातार तीसरी बार बढ़ाने पर भयंकर रोष प्रकट किया तथा सरकार के इस निर्णय की कठौर शब्दों मे निंदा की। महासंघ के प्रदेश संस्थापक मनीष विधानी ने बताया कि मंत्रालयिक कर्मचारियों की वेतन विसंगति निराकरण हेतु राज्य सरकार के द्वारा सेवानिवृत आईएएस श्री खेमराज चौधरी की अध्यक्षता मे कमेटी का गठन किया था, जिसका कार्यकाल 8 अगस्त को पूर्ण होने को था,

किन्तु राज्य सरकार द्वारा तीसरी बार कमेटी का कार्यकाल बढाया गया जिससे आर्थिक लाभ की बाठ जोह रहे मंत्रालयिक कर्मचारियों में भारी असंतोष व रोष व्याप्त हो गया है। संगठन द्वारा कमेटी को सौंपे प्रस्ताव के दौरान कमेटी ने अगस्त माह मे अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने हेतु आशवस्त किया था, चुंकि कमैटी का परीक्षण कार्य अंतिम चरण में था, व कमेटी द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को अगस्त माह मे सौंपी जानी थी, लेकिन सरकार फिर से कमेटी का कार्यकाल बढाकर। मंत्रालयिक कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा लेने का प्रयास कर रही है ।

चुकि माननीय मुख्यमंत्री जी के आशवासन के बाद मंत्रालयिक कर्मचारियों मे वेतन सुधार की आशा जगी थी, खेमराज कमेटी व जननायक श्री अशोक गहलोत जी से वित्तीय मांगो हेतु बहुत आशा रखते हैं, लेकिन कमेटी का कार्यकाल बढने से प्रदेश के मंत्रालयिक संवर्ग मे भयंकर रोष व्याप्त हैं। प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र गहलोत ने अवगत करवाया कि वेतन विसंगति निराकरण समिति ने मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगो पर पर्याप्त परीक्षण कर लिया था, अब उन्हें रिपोर्ट सौंपने के पशचात राज्य सरकार द्वारा मंत्रालयिक मांगो पर आदेश जारी करना चाहिए था, किन्तु ऐसा नही होने से वापस मंत्रालयिक कर्मचारी आंदोलन की राह पर आने को मजबूर है, क्योंकि पूर्व मे सामंत कमेटी की रिपोर्ट का जो हुआ वो सभी के सामने है।

स्वतंत्र महासंघ आशा करता है कि जो पूर्व कमेटीयों की रिपोर्ट के साथ हुआ वैसा अब नही होगा, किन्तु अब मंत्रालयिक कर्मचारी काफी व्यथित है तथा 16 अगस्त से आंदोलन करने को तैयार है, राज्य सरकार से निवेदन है कि हम मंत्रालयिक कर्मचारियों की मुख्य मांग ग्रेड पे बढोतरी पर शीघ्रातिशीघ्र आदेश जारी करवावें अन्यथा 16 अगस्त से राजधानी जयपुर मे शुरु होने वाले मंत्रालयिक कर्मचारियों के प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होंगी।

सागर पांचाल प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने अवगत करवाया कि महासंघ स्वतंत्र ने राज्य सरकार से निवेदन करता है कि वर्तमान सरकार सदैव ही कर्मचारी हितैशी रही है, प्रदेश के कर्मचारियों के समक्ष आपकी उसी प्रकार की सकारात्मक छवि बनी हुई है, आपके द्वारा गत माहों में कर्मचारी व मंत्रालयिक हित मे जो आदेश जारी हुए है उनके लिए स्वतंत्र महासंघ राज्य सरकार का तहेदिल से आभार प्रकट करता है किंतु हमारे वित्तीय मांगों पर आदेश जारी नही होंगें तब तक हमारी लिए सूर्य के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। अतः स्वतंत्र महासंघ सरकार से निवेदन करता है कि मंत्रालयिक संवर्ग को सुदृढ़ करते हुए हमारी वित्तीय मांगों पर सरकार को अविलंब आदेश जारी करना चाहिए।