राजस्थानः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई के घर CBI की छापेमारी, जानें क्या है मामला

राजस्थानः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई के घर CBI की छापेमारी, जानें क्या है मामला
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इन दिनों ED की राहुल गांधी से पूछताछ का विरोध करने के सिलसिले में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत दिल्ली में बने हुए हैं और खबर है कि वे करीब 10 बजे ही राहुल गांधी से मिले हैं। वहां एक और खबर से सियासत गर्माने के आसार हैं। जोधपुर में सीएम अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन के ठिकानों पर CBI की रेड हुई है।

दिल्ली के बाद अब जयपुर में भी सियासी तापमान बढ़ गया है। खबर है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन के ठिकानों पर सीबीआई  की छापेमारी चल रही है। बताया जा रहा है कि उर्वरक खरीद मामले में ये कार्रवाई हुई है। सुबह 8 बजे से ही मुख्यमंत्री के भाई के जोधपुर स्थित आवास पर छापेमारी चल रही है। इससे पहले ईडी अग्रसेन गहलोत के घर रेड डाल चुकी है। फिलहाल मुख्यमंत्री के भाई के जोधपुर स्थित आवास पर छापेमारी चल रही है। इससे पहले ईडी भी रेड डाल चुकी है। बताया जा रहा है कि जोधपुर में मंडोर स्थित मकान में शुक्रवार सुबह से सीबीआई के अधिकारी जांच पड़ताल में जुटे हैं।

<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Agrasen Gehlot is the owner of a company named Anupam Krishi. Customs Department has prosecuted and levied a penalty of Rs 7 crores on his company. <a href="https://t.co/gwPtge4Mba">https://t.co/gwPtge4Mba</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1285822052897714177?ref_src=twsrc%5Etfw">July 22, 2020</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

पहले Highcourt लगा चुका है गिरफ्तारी पर रोक
कोई हैरानी नहीं कि सीएम गहलोत के भाई पर हुई रेड के इस पूरे मामले को राजनीतिक हलकों में राहुल गांधी के लिए अशोक गहलोत द्वारा दिल्ली में किए जा रहे प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। इस तरह इस मामले में अब सीबीआई की एंट्री हो गई है। यह एंट्री मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई के घर हुई सीबीआई रेड से हुई है। सीबीआई की टीम ने गहलोत के भाई अग्रसेन के घर व दुकान पर छापा मारा है। बता दें,
अग्रसेन गहलोत पर आरोप है कि 2007 से 09 के बीच फर्टिलाइजर बनाने के लिए जरूरी पोटाश किसानों में बांटने के नाम पर सरकार से सब्सिडी पर खरीदी गई थी। लेकिन इस प्रोडक्ट को निजी कंपनियों को बेचकर मुनाफा कमाया गया। इस मामले की जांच ईडी में भी लंबित चल रही है। बता दें, कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनाल्टी (5.64 crore penalty) भी लगाई थी। इस मामले में की जांच ईडी में लंबित चल रही है और अग्रसेन की अपील पर हाईकोर्ट  ने ईडी से जुड़े मामले में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। अब इस मामले में सीबीआई ने जांच शुरू की है।
अचानक पहुंची सीबीआई की टीम

शुक्रवार सुबह गहलोत के भाई अग्रसेन के यहां यकायक सीबीआई की टीम पहुंची। उस समय अग्रसेन गहलोत घर पर ही थे, सीबीआई की टीम में पांच अधिकारी दिल्ली (Five officers from Delhi) से व पांच अधिकारी जोधपुर से है। फिलहाल CBI टीम के सदस्य जांच में जुटे है। अंदर किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। वहीं एक टीम अग्रसेन की पावटा स्थित दुकान पर भी पहुंचने की सूचना आ रही है।

यह है मामला
दरअसल साल 2017 में अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत का नाम फर्टिलाइजर यानी उवर्रक घोटाले में सामने आया था। उन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने साल 2007 से 2009 के बीच किसानों के हक को मारकर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया। अशोक गहलोत राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री थे। अग्रसेन गहलोत पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने रसूख का इस्तेमाल कर किसानों को मुहैया कराए जाने वाले फर्टिलाइजर की आपूर्ति में घोटाला किया था। साल 2017 में बीजेपी ने इस मामले को लेकर अशोक गहलोत पर जोरदार हमला भी बोला था।
सब्सिडाइज रेट पर एमओपी खरीदकर कंपनियों को बेचा
अग्रसेन गहलोत आईपीएल के ऑथराइज्ड डीलर थे। 2007 से 2009 के बीच उनकी कंपनी ने सब्सिडाइज रेट पर एमओपी खरीदा, लेकिन उसे किसानों को बेचने की बजाय दूसरी कंपनियों को बेच दिया। उन कंपनियों ने एमओपी को इंडस्ट्रियल सॉल्ट के नाम पर मलेशिया और सिंगापुर पहुंचा दिया।
बता दें, डायरेक्ट्रोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने 2012-13 में फर्टिलाइजर घोटाले का खुलासा किया था। कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनाल्टी भी लगाई थी। भाजपा ने 2017 में इसे मुद्दा बनाया। यह मामला अब फिर से चर्चा में आ गया है।