राजस्थान सरकार की अनदेखी

राजस्थान सरकार की अनदेखी
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उच्च माध्यमिक स्कूल 10 किमी दूर बदरासर में हें वहाँ पहुँचने के लिए रेगिस्तानी धोरे टी.बे पार करना पड़ता हें सरकार के नियमानुसार सभी  मापदंड पूर्ण करने वाला विधालय क्रमोंत्रत के लिए अधुरा  स्कूल 10 साल से क्रमोंत्रत नहीं, 8वीं  के बाद बालिकाएं पढ़ाई छोड़ रही बीकानेर  जिले के बदरासर ग्राम पंचायत के मेहरासर गाँव के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल को क्रमोंत्रत करने कि मांग ग्रामीणों द्वारा पिछले कई सालों सें कि जा रही हें

इसके अभाव में हर साल अनेक छात्राओं कि बीच में ही पढ़ाई छुट रही हें उमावि मेहरासर से 10 किमी दूर ग्राम पंचायत मुख्यालय बदरासर में समर्थ परिवार अपनी बचियों को बदरासर गाँव तक स्वयं के वाहनों से भेज देते लेकिन गाँव के अधिकांश परिवार गरीब होंने से ऐसा कर सके संभव नही हें ग्रामीणों ने बताया कि मेहरासर गाँव विषम भोगोलिक परिस्थतियों में आता हें

गाँव के चारों तरफ रेगिस्तान जंगल हें ऐसे में गाँव के अन्दर यह स्कूल ही ग्रामीणों के बच्चो के लिए पढ़ाई का मुख्य जरिया हें मेहरासर में वर्ष 1964 प्राथमिक विधालय खुला एंव वर्ष 2013 में उच्च प्राथमिक में क्रमोंत्रत हुआ, अब उसे उच्च माध्यमिक में क्रमोंत्रत करने कि मांग कि जा रही हें वर्तमान में विधालय का नामांकन 280 से अधिक हें

8वीं कक्षा में 24 छात्र अध्ययनरत हें इनमें सें छात्राओं कि यह संख्या 70 प्रतिशत हें पिछले करीब 10 साल से बनी हुई हें इन छात्राओं को 9वीं कक्षा में पढ़ाई करने के लिए ग्राम मुख्यालय बदरासर के उमावि में जाना पड़ता हें जो कि मेहरासर गाँव से करीब 10किमी दूर हें सबसे बड़ी परेशानी दूरी अधिक होने के साथ रेगिस्तानी टी,बे व जंगल का रास्ता तय करना पड़ता हें

जो कि मोसमी परिस्थतियों के देखते हुए अनुकूल नहीं हें दूसरा पूगल ब्लॉक के गाँव बान्दरवाला में भी उच्च प्राथमिक स्कूल ही हें उस गाँव के छात्राओं को भी उमावि करणीसर भाटियान जाना पड़ता हें उसकी दूरी 15 किमी दूर हें  ऐसे में अगर मेहरासर गाँव का यह विधालय क्रमोंत्रत हो जाता हें तो सिर्फ मेहरासर ही नहीं इसके समीपवर्ती गाँव बान्दरवाला छात्र भी लाभाविन्त होंगें  ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा स्थानीय जनप्रर्तिनिधि व खाजूवाला विधायक एंव शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग से विधालय को क्रमोंत्रत करने कि मांग कि जाती रही हें