‘वन पर्सन-वन पोस्ट पर फैसला उम्मीदवारी के बाद’, सोनिया ने गहलोत से और क्या कहा

‘वन पर्सन-वन पोस्ट पर फैसला उम्मीदवारी के बाद’, सोनिया ने गहलोत से और क्या कहा
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कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने से एक दिन पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सोनिया गांधी ने बैठक में अशोक गहलोत से कहा कि पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा. मैं अपनी व्यक्तिगत स्वीकृति किसी को नहीं दूंगी. साथ ही सोनिया गांधी ने यह भी साफ कर दिया कि ‘वन पर्सन-वन पोस्ट’ का सिद्धांत तब सामने आएगा, जब उम्मीदवार को अंतिम रूप दिया जाएगा और उम्मीदवार जीत जाएगा. गहलोत शाम चार बजे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे. करीब दो घंटे की मुलाकात के बाद गहलोत ने कुछ नहीं कहा.

सोनिया से मीटिंग से पहले गहलोत ने दो टूक कहा था कि वह पार्टी का फैसला मानेंगे, लेकिन उससे पहले राहुल गांधी को अध्यक्ष बनने के लिए मनाने की एक आखिरी कोशिश करेंगे. गहलोत ने दिल्ली में यह संकेत भी दिया कि वह अध्यक्ष और मुख्यमंत्री दोनों की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अध्यक्ष बनने की स्थिति में अगर उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ता है तो उनकी जगह किसे यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में गहलोत चाहेंगे कि उनका कोई करीबी मुख्यमंत्री बने, हालांकि सचिन पायलट के करीबी नेताओं का कहना है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह जिम्मेदारी पायलट को सौंपी जानी चाहिए.

पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर के चुनावी समर में उतरने का स्पष्ट संकेत देने के कारण अब इसकी संभावना प्रबल हो गई है कि 22 साल बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी का प्रमुख चुनाव के जरिये चुना जाएगा. थरूर ने कांग्रेस के मुख्यालय में पहुंचकर पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री से मुलाकात की और नामांकन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की. वैसे, कुछ अन्य नेताओं के भी चुनावी मैदान में उतरने की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता.

आज केरल में राहुल गांधी को मनाएंगे अशोक गहलोत

गहलोत आज केरल पहुंच रहे हैं जहां वह राहुल गांधी से मुलाकात कर अध्यक्ष का चुनाव लड़ने का आग्रह करेंगे और भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे. अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी को लेकर गहलोत ने कहा था, मुझे पार्टी ने सब कुछ दिया है, आलाकमान ने सब कुछ दिया है. पिछले 40-50 साल से मैं पदों पर ही हूं, मेरे लिए अब कोई पद महत्वपूर्ण नहीं है. मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि जो जिम्मेदारी मिलेगी मुझे या जो जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए, वो मैं निभाऊंगा. अगर वे मुझे कहेंगे कि नामांकन करना है, तो मैं भरूंगा.

अध्यक्ष के साथ-साथ मुख्यमंत्री भी बने रहना चाहते हैं गहलोत

यह पूछे जाने पर कि अध्यक्ष बन जाने की स्थिति में क्या वह मुख्यमंत्री भी बने रहेंगे तो उन्होंने कहा, यह प्रस्ताव हमने पारित किया है, जहां नामित होते हैं वहां 2 पद होते हैं..यह चुनाव तो सबके लिए है. इसमें कोई भी खड़ा हो सकता है…चाहे वो सांसद है, विधायक है, मंत्री है, मुख्यमंत्री है. कल किसी राज्य का मंत्री कहेगा कि मैं खड़ा होना चाहता हूं, तो वह हो सकता है. वह मंत्री भी रह सकता है और कांग्रेस अध्यक्ष भी बन सकता है. उन्होंने कहा, यह समय बताएगा कि मैं (मुख्यमंत्री) रहूंगा या नहीं. मैं वहां रहना चाहूंगा कि जहां मुझसे पार्टी को फायदा हो. मैं इसमें पीछे नहीं हटूंगा.