सिगरेट और गलत लाइफस्टाइल ही नहीं, इस चीज से भी बढ़ता है कैंसर का खतरा!

सिगरेट और गलत लाइफस्टाइल ही नहीं, इस चीज से भी बढ़ता है कैंसर का खतरा!
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कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका परमानेंट इलाज नहीं है इस कारण हर साल दुनिया भर में कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है. इस जानलेवा बीमारी से शरीर की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और फिर धीरे-धीरे शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं. अगर वक्त रहते इस बीमारी का पता चल जाए तो कैंसर का इलाज किया जा सकता है. विश्व कैंसर अनुसंधान के मुताबिक, कुछ चीजें ऐसी हैं जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं. अगर इन चीजों का सेवन करना बंद कर दिया जाए तो कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है. 

तला हुआ खाना, अधिक पका हुआ खाना, चीनी वाले और परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट और प्रोसेस्ड मीट के अलावा एक ड्रिंक ऐसी है जिसे पीने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. अनहेल्दी लाइफस्टाइल कैंसर कोशिकाओं को बढ़ाने में तो मदद करती ही है लेकिन एक ड्रिंक के कारण भी कैंसर का जोखिम बढ़ता है. यूके में भी इस ड्रिंक को कैंसर को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है. वह ड्रिंक कौन सी है? इस बारे में जान लीजिए. 

ये है कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाली ड्रिंक (This is a drink that increases the risk of cancer)

Express.co.uk के मुताबिक, कैंसर कोशिकाओं को बढ़ाने वाली ड्रिंक है 'शराब'. जानकारी के मुताबिक, कैंसर रिसर्च यूके का कहना है कि शराब अधिक पीने से कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है. यूके में भी इस ड्रिंक के कारण कैंसर का जोखिम काफी बढ़ गया है इसलिए वहां के लोगों से शराब का कम सेवन करने और लिमिट से अधिक शराब पीने वाले लोगों की संख्या को कम करने की सलाह दी गई है. 

अगर भारत में शराब की खपत की जाए तो स्टेटिस्टा रिसर्च डिपार्टमेंट द्वारा मार्च 2022 में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, भारत में शराब की खपत 2020 में लगभग पांच बिलियन लीटर थी और 2024 तक यह आंकड़ा लगभग 6.21 बिलियन लीटर तक पहुंचने का अनुमान है. भारत के शराब बाजार में दो मुख्य प्रकार की शराब शामिल थी, भारत में बनी भारतीय शराब (IMIL) और भारत में बनी विदेशी शराब (IMFL।) जैसे: बीयर, वाइन आदि. इस रिसर्च में बताया गया है कि भारत में देशी शराब का मार्केट सबसे अधिक था.

यूनाइटेड स्टेड जैसे अन्य देशों की तुलना में भारत में प्रति वयस्क शराब का औसत सेवन काफी कम था लेकिन भारत में शराब पीने वाले युवाओं की संख्या काफी अधिक थी. रिसर्च के मुताबिक, 25 वर्ष से कम उम्र के 88 प्रतिशत से अधिक भारतीय अंडर एज होने के बावजूद भी शराब खरीदते या पीते हैं. यह आंकड़ा देश भर के कुछ राज्यों में शराब पर प्रतिबंध के बावजूद था.

कैंसर का कारण है शराब : रिसर्च

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, रेड वाइन, व्हाइट वाइन, बीयर और शराब सहित सभी अल्कोहॉलिक ड्रिंक कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं. जो लोग जितनी अधिक अल्कोहॉलिक ड्रिंक पीता है, उतना ही कैंसर का खतरा बढ़ता है. Express.co.uk के मुताबिक, रिसर्चर्स सालों से इस बात का जवाब ढूढ़ंने में लगे हुए थे लेकिन हाल ही में वे सही निष्कर्ष पर पहुंचे हैं. 

ऑक्सफोर्ड पॉपुलेशन हेल्थ, पेकिंग यूनिवर्सिटी और चाइनीज एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज, बीजिंग के रिसर्चर्स द्वारा की गई रिसर्च जो इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में पब्लिश हुई है उसके रिजल्ट से पता चलता है कि शराब सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनती है.