मुझे या मेरे परिवार को कुछ होता है तो जिम्मेदार मोहम्मद जुबैर होगा, जानें नूपुर शर्मा ने लगाए थे क्‍या-क्‍या आरोप

मुझे या मेरे परिवार को कुछ होता है तो जिम्मेदार मोहम्मद जुबैर होगा, जानें नूपुर शर्मा ने लगाए थे क्‍या-क्‍या आरोप
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दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने सोमवार को ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार कर लिया है। मोहम्मद जुबैर फैक्ट चेक करते हैं और नूपुर शर्मा प्रकरण के बाद से काफी चर्चा में चल रहे थे। मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा की उस क्लिप को सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसमें नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी थी। नूपुर शर्मा ने आरोप लगाया था कि जुबैर द्वारा शेयर किए गए वीडियो के बाद से ही उन्हें धमकियां मिलने लगी थी।

जब मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा के कथित वीडियो को शेयर किया था, उसके बाद से ही नूपुर शर्मा को धमकियां मिलने लगी, ऐसा दावा नूपुर शर्मा ने किया है। नूपुर शर्मा ने मोहम्मद जुबेर पर आरोप लगाया था कि जिस वीडियो को मोहम्मद जुबैर ने शेयर किया था, उसको काफी ज्यादा एडिट किया गया और उनके खिलाफ फेक न्यूज़ फैलाई गई। उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ उनकी धार्मिक किताब के एक अंश को पढ़ा था।

नूपुर शर्मा ने मोहम्मद जुबैर पर आरोप लगाते हुए कहा था कि मुझे 70,000 से अधिक धमकियां मिली थी। अगर मुझे, मेरे परिवार या मेरे रिश्तेदार को कोई भी हानि पहुंचती है तो इसका सिर्फ और सिर्फ फेक न्यूज़ पेडलर मोहम्मद जुबैर ही जिम्मेदार होगा। नूपुर शर्मा ने बताया था कि मैंने इंटेलिजेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई है।

बता दें कि नूपुर शर्मा विवाद ने इतना तूल पकड़ा की अरब देशों ने भारत के राजदूतों को तलब किया और अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने नूपुर शर्मा को जांच पूरी होने तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया। साथ ही बीजेपी दिल्ली के मीडिया प्रभारी नवीन जिंदल को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

बता दें कि एक ट्विटर यूजर की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। हैंडल से दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए आरोप लगाया गया था कि जुबैर ने उसे चोट पहुंचाई है और उसके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस महीने की शुरुआत में जुबैर के खिलाफ आईपीसी की धारा 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 295-ए (दुर्भावनापूर्ण कृत्य, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।