विधानसभा बाल सत्र में नेताओं के पोते, पोती और दोहिते: गहलोत की पोती को विधायक, मंत्री कल्ला के पोते को मंत्री बनाया

विधानसभा बाल सत्र में नेताओं के पोते, पोती और दोहिते: गहलोत की पोती को विधायक, मंत्री कल्ला के पोते को मंत्री बनाया
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राजस्थान विधानसभा में पहली बार हुए बाल सत्र में भी राज्य में दबदबा रखने वाले नेताओं के पाेते, पोतियों और दोहितों की भी मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पोती काश्विनी गहलोत को विधायक, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला के पोते राघव कल्ला को कला संस्कृति मंत्री बनाया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे दिवंगत भोमराज आर्य के दोहिते को विधायक के तौर पर शामिल किया। बाल वित्त मंत्री बनाई गई अनुष्का राठौड़ के पिता जज हैं। विधानसभा के बाल सत्र में दो घंटे तक बच्चों ने विधानसभा की कार्यवाही चलाई। मंत्री-विधायक की भूमिका में 200 बच्चों ने भाग लिया। देश-प्रदेश से आए बच्चों में से नेताओं के पोते-दोहिते भी शामिल थे।

विधानसभा में पहली बार बाल सत्र का आयोजन किया गया गया। इसमें भी नेताओं और प्रभावशाली परिवारों के बच्चों की अच्छी खासी मौजूदगी थी। मुख्यमत्री की पोती ने शून्यकाल में वन्य जीवों के संरक्षण का मुद्दा उठाया। बीडी कल्ला के पोते राघव कल्ला ने ​कला संस्कृति मंत्री के तौर पर सवाल का जवाब दिया।

मंत्रियों की सीट पर बैठने की जगह दी
विधानसभा के बाल सत्र में मुख्यमंत्री गहलोत की पोती काश्विनी गहलोत ने भी विधायक की भूमिका में हिस्सा लिया। काश्व को आगे मंत्रियों वाली सीटों पर जगह दी गई थी। काश्विनी ने स्कूली बच्चों को वन्य जीवन और पर्यावरण से परि​चित करवाने के लिए जंगल के टूर पर ले जाने का सुझाव दिया।

काश्विनी ने कहा- स्कूली बच्चों को जंगली जानवरों और पर्यावरण की जानकारी देने के लिए स्कूलों की तरफ से टूर आयोजित करवाने चाहिए। जंगलों के आसपास रहने वालों को जंगली जानवरों और खासकर बाघ संरक्षण के लिए जागरूक करें। वाइल्ड लाइफ को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए। जंगलों के आसपास रहने वालों का जीवन बहुत कठिन होता है। इन दुर्गम इलाकों के बारे में स्कूली बच्चों को परिचित करवाना चाहिए।

बीडी कल्ला के पोते राघव कल्ला को दादा वाले विभाग के मंत्री का रोल
जलदाय मंत्री बीडी कल्ला के पोते राघव कल्ला को पर्यटन के अलावा कला और संस्कृति मंत्री का रोल दिया गया। कल्ला के पास भी उर्जा और जलदाय के साथ कला और संस्कृति विभाग है। राघव कल्ला ने प्रश्नकाल में एक सवाल का जवाब दिया।

नाना का नाम लेकर दिया परिचय

बीकानेर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व प्रधान और बीकानेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (CCB) के भूतपूर्व अध्यक्ष दिवंगत भोमराज आर्य के दोहिते मनीष ढाका ने विधायक के तौर पर बाल सत्र में सवाल पूछा। मनीष ने अपने नाना भोमराज आर्य का जिक्र अपने परिचय में दिया। उन्होंने कहा- मैं उस नागौर जिले का रहने वाला हूं, जहां जवाहरलाल नेहरू ने पंचायत राज की नींव रखी। बीकानेर में ग्रामीण विकास और पंचायतीराज के पुरोधा रहे भोमराज आर्य का दोहिता हूं।

 जज की बेटी को वित्त मंत्री और बेटे को विधायक की भूमिका 

वित्त मंत्री बनाई गई अनुष्का राठौड़ और विधायक बनाए गए दुष्यंत राठौड़ के पिता अजीत सिंह राठौड़ किशोर न्याय बोर्ड पाली में प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट है। उनके दादा वकील हैं। अनुष्का राठौड़ ने वित्त मंत्री के तौर पर सवालों के जवाब दिए। अनुष्का 10 वीं की छात्रा है और मूल रूप से नागौर की रहने वाली है। प्रश्नकाल में अनुष्क ने पिछले 3 वर्षों में बाल विकास पर सरकार द्वारा किये गए खर्च और इसके लिए अतिरिक्त बजट को लेकर सरकार की मंशा से जुड़े सवाल पर जवाब दिया। कहा- चाहे कितना ही मुश्किल वक्त क्यों न आ जाए, हम बच्चों के अधिकार और उनका भविष्य उनसे कभी नहीं छीनेंगे।

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The grandchildren and granddaughters of the leaders who dominated the state were also present in the children's session held for the first time in the Rajasthan Legislative Assembly. Kashwini Gehlot, granddaughter of Chief Minister Ashok Gehlot, was made MLA, Raghav Kalla, grandson of water supply minister BD Kalla, was made art and culture minister. The couplet of late Bhomraj Arya, a senior Congress leader, was included as an MLA. The father of Anushka Rathod, who was made the child finance minister, is a judge. In the children's session of the assembly, the children conducted the proceedings of the assembly for two hours. 200 children participated in the role of Minister-MLA. The grandchildren of the leaders were also included among the children who came from the country and the state.

Children's session was organized for the first time in the Vidhan Sabha. In this too there was a significant presence of leaders and children of influential families. The Chief Minister's granddaughter raised the issue of conservation of wildlife during Zero Hour. BD Kalla's grandson Raghav Kalla answered the question as the Minister of Art & Culture.

given a place to sit on the seat of ministers
Chief Minister Gehlot's granddaughter Kashwini Gehlot also took part in the role of MLA in the children's session of the assembly. Kashwa was further given a place in the ministerial seats. Kashwini suggested taking the school children on a jungle tour to get acquainted with the wildlife and environment.

Kashwini said- Tours should be organized by the schools to give information about wild animals and environment to the school children. Make the people living around the forests aware about the conservation of wild animals and especially tigers. Wildlife should be made a part of the school curriculum. The life of the people living near the forests is very difficult. School children should be made acquainted about these inaccessible areas.

BD Kalla's grandson Raghav Kalla gets the role of a minister in the grandfathered department
Raghav Kalla, the grandson of Water Resources Minister BD Kalla, was given the role of Minister of Arts and Culture in addition to Tourism. Kalla also has the Department of Arts and Culture with energy and water supply. Raghav Kalla answered a question during the Question Hour.

Introduced by taking the name of maternal grandfather

Manish Dhaka, who was a senior Congress leader in Bikaner and former president of Bikaner Central Co-operative Bank (CCB), late Bhomraj Arya's brother-in-law, asked the question in the children's session as an MLA. Manish mentioned his maternal grandfather Bhomraj Arya in his introduction. He said- I belong to that Nagaur district, where Jawaharlal Nehru laid the foundation of Panchayat Raj. Bhomraj Arya, who was a pioneer of rural development and Panchayati Raj in Bikaner.

Judge's daughter as Finance Minister and son as MLA

Ajit Singh Rathod, father of Anushka Rathod, who was made Finance Minister and Dushyant Rathod, who was made MLA, is the Principal Magistrate in the Juvenile Justice Board Pali. His grandfather is a lawyer. Anushka Rathod answered questions as Finance Minister. Anushka is a 10th class student and is originally from Nagaur. During the Question Hour, Anushk answered the question related to the government's intention regarding the expenditure made by the government on child development in the last 3 years and the additional budget for this. Said- No matter how difficult the time may come, we will never take away the rights and future of the children from them.