क्रेडिट कार्ड्स की EMI के चक्कर में ना फंसें, इसके फायदों में छुपा है बेबस कर देने वाला एक बड़ा नुकसान!

क्रेडिट कार्ड्स की EMI के चक्कर में ना फंसें, इसके फायदों में छुपा है बेबस कर देने वाला एक बड़ा नुकसान!
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बहुत से लोग ये बात भूल जाते हैं कि क्रेडिट कार्ड दरअसल एक कर्ज है। अगर समय से कर्ज नहीं चुका पाए तो उसके हर्जाने के तौर पर आपका ना सिर्फ पैसों का नुकसान होगा, बल्कि सिबिल स्कोर भी खराब होगा। लोग क्रेडिट कार्ड को हर जगह धड़ल्ले से इस्तेमाल (Credit Card Tips) करने लगते हैं, लेकिन इससे बहुत नुकसान भी होता है। आइए जानते हैं क्रेडिट कार्ड को कैसे इस्तेमाल करें, जिससे आपका नुकसान ना हो ना ही आप क्रेडिट कार्ड डेट ट्रैप (Credit Card Debt Trap) में ना फंसें।

आज के वक्त में बहुत सारे लोग क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं। अब क्रेडिट कार्ड (How To Use Credit Card) से शॉपिंग का कल्चर सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गांव में भी कई लोग क्रेडिट कार्ड रखने लगे हैं। रखें भी क्यों नहीं, क्रेडिट कार्ड (Credit Card Tips) पर कंपनियां ढेर सारे फायदे जो ऑफर कर रही हैं। इतना ही नहीं, कई कंपनियां तो क्रेडिट कार्ड के साथ हेडफोन या स्मार्टवॉच जैसे गिफ्त तक दे रही हैं। सवाल ये है कि आखिर कंपनियों का इससे क्या फायदा हो रहा है? इससे भी जरूरी ये समझना है कि आखिर इससे आपको कितना फायदा हो रहा है? फायदा हो भी रहा है या नहीं? कहीं क्रेडिट कार्ड आपको डेट ट्रैप (Credit Card Debt Trap) में तो नहीं फंसा रहे?

क्रेडिट कार्ड के फायदों में छुपा है भारी नुकसान!

ऑनलाइन से लेकर ऑफलाइन शॉपिंग तक पर तमाम क्रेडिट कार्ड्स पर कई तरह के ऑफर मिलते हैं। ये ऑफर आपके पैसे बचाने का दावा करते हैं। क्रेडिट कार्ड की सबसे अच्छी बात होती है कि इससे आप ईएमआई पर चीजें खरीद सकते हैं। खैर, आपको ये जानना जरूरी है कि बहुत से लोगों के लिए ये ईएमआई ही क्रेडिट कार्ड की सबसे खराब बात होती है। अब तो कई क्रेडिट कार्ड ऐसे भी आ चुके हैं जो हर ट्रांजेक्शन का भुगतान 3 किस्तों में करने की इजाजत देते हैं। ध्यान रहे, भले ही आप नो कॉस्ट ईएमआई क्यों ना लें, जरा सी लापरवाही आपको कर्ज के जाल में फंसा सकती है।

कैसे लोग फंसते हैं क्रेडिट कार्ड के डेट ट्रैप में

डेट ट्रैप यानी कर्ज का जाल, जो उन लोगों को फांसता है जिन्हें चादर से ज्यादा पैर फैलाना अच्छा लगता है। इंसान की ख्वाहिशें असीमित हैं, लेकिन इनकम का जरिया सीमित। ऐसे में जब क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई में प्रोडक्ट खरीदने की बात आती है तो अक्सर लोग सिर्फ एक महीने की ईएमआई देखते हुए सामान खरीद लते हैं। इस तरह वह कई सारे प्रोडक्ट ईएमआई पर खरीद लेते हैं और देखते ही देखते हर महीने कई सारे प्रोडक्ट की ईएमआई साथ मिलकर सैलरी का एक बड़ा हिस्सा खाना शुरू कर देती हैं।

एक उदाहरण से समझते हैं डेट ट्रैप का खेल

मान लीजिए आपने जनवरी के महीने में 60 हजार रुपये का एक मोबाइल 12 महीनों की नो कॉस्ट ईएमआई पर खरीदा। यानी आपको हर महीने सिर्फ 5 हजार रुपये ही चुकाने हैं। अगले महीने आपने 30 हजार का एक फ्रिज भी नो कॉस्ट ईएमआई पर खरीद लिया, जिसकी किस्त बनती है 2,500 रुपये। अगला महीना यानी मार्च में होली के मौके पर आपने घर के करीब 1 लाख के फर्नीचर भी ईएमआई पर खरीद लिए। यानी आपकी ईएमआई करीब 8333 रुपये की पड़ेगी। मतलब सिर्फ 3 महीने बाद ही आपकी कुल आय में से करीब 15,800 रुपये ईएमआई में जाने लगेंगे। यही आलम अगले 9 महीनों तक जारी रहेगा।

और फिर बैंकों के सामने बेबस हो जाएंगे आप!

इस बीच अगर आपको कुछ और खरीदना पड़ गया और वो भी आपने ईएमआई पर ले डाला तो आपकी सैलरी से और भी अधिक पैसे कटने लगेंगे। वहीं घर का किराया, बच्चे के स्कूल की फीस, आपके ऑफिस आने जाने के लिए पेट्रोल, दूध, सब्जी, राशन, मोबाइल बिल, बिजली बिल इन सब चीजों के लिए आपको हर महीने पैसे खर्च करने ही होंगे। आपको पता भी नहीं चलेगा और आप बिना कोई ब्याज चुकाए भी डेट ट्रैप में फंस जाएंगे। इस बीच जैसे ही आपको किसी महीने में पैसों की किल्लत होगी तो झक मार कर आपको इन्हीं बैंकों के सामने हाथ फैलाना पड़ेगा और नतीजा ये होगा कि इस बार आप उतना ब्याज चुकाने के लिए तैयार हो जाएंगे, जितना बैंक मांगेगा।

अब समझिए बिना ब्याज के ईएमआई से भी कैसे कमाते हैं बैंक

जब कोई बैंक आपको क्रेडिट कार्ड देने की बात करता है तो उसके साथ बहुत सारे फायदे गिनाता है। कई बार तो क्रेडिट कार्ड के साथ गिफ्ट भी दिया जाता है। कुछ कार्ड हर ट्रांजेक्शन को 3 महीने तक की नो कॉस्ट ईएमआई में बदलवा रहे हैं। आप जैसे-जैसी इन कार्ड्स को अधिक से अधिक ईएमआई के लिए इस्तेमाल करते हैं और डेट ट्रैप में फंसते हैं तो बाद में जरूरत पड़ने पर लोन भी इनसे ही लेते हैं। इस तरह अब बारी होती है बैंक की तरफ से सब वसूलने और मुनाफा कमाने की। कई बार आपको एक लोन को चुकाने के लिए दूसरा लोन और दूसरे को चुकाने के लिए तीसरा लोन लेना पड़ जाता है, जिसका नतीजा ये होता है कि अब आपकी ईएमआई और अधिक हो जाती हैं, वो भी ब्याज के साथ।

कैसे निकलें क्रेडिट कार्ड ईएमआई के डेट ट्रैप से

अगर आप भी ईएमआई के जाल में फंस चुके हैं तो सबसे पहले अपनी ख्वाहिशों पर लगाम लगाएं। सिर्फ उन्हीं चीजों पर पैसे खर्च करें, जिनके बिना काम नहीं चल सकता है। ऐसी स्थिति में आपको पैसों को अन्य स्रोतों पर भी विचार करना चाहिए। मुमकिन हो तो अपनी कमाई बढ़ाने की हर कोशिश शुरू कर दें। इसके लिए आप ओवरटाइम भी कर सकते हैं। ध्यान रहे, जैसे ही आपको यह बात समझ आए कि आप डेट ट्रैप में फंस चुके हैं, आपको तुरंत ही दो काम करने हैं। एक तो अपने खर्चे घटाने हैं, दूसरा अपनी कमाई बढ़ाने के तरीके सोचने हैं, वरना अगर कोई इमरजेंसी आती है तो ये डेट ट्रैप आपके लिए एक दलदल जैसा साबित हो सकता है।

कैसे क्रेडिट कार्ड से होगा फायदा?

क्रेडिट कार्ड का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होता है जो हर महीने अपने कार्ड के पूरे बिल का भुगतान कर देते हैं। यानी आपको कार्ड पर कोई ईएमआई नहीं होनी चाहिए, भले ही वह नो कॉस्ट ईएमआई क्यों ना हो। ऐसे लोगों को कार्ड पर मिलने वाले कैशबैक, रिवॉर्ड प्वाइंट और कार्ड लेते वक्त मिलते वाले गिफ्ट का भी फायदा होता है। अगर आपके पास बिल चुकाने भर के पैसे ना हों, तो क्रेडिट कार्ड से खर्चा ना करें।

ये रणनीति आपकी करा देगी चांदी

अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने की एक खास रणनीति बना लेते हैं तो आपको क्रेडिट कार्ड के सारे फायदे भी मिलेंगे और आप कभी डेट ट्रैप में नहीं फंसेंगे। यहां तक कि नो कॉस्ट ईएमआई या ब्याज वाली ईएमआई भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। इसके लिए आपके पास एक अलग से बैंक खाता होना चाहिए और उसी से आप अपने हर कार्ड के बिल चुकाएं। जब भी आप कोई सामान खरीदें, भले ही वह ईएमआई पर हो या नहीं, उस प्रोडक्ट की कीमत जितने पूरे पैसे दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दें। कोई भी सामान खरीदते वक्त यह ध्यान रखें कि आपको पहले अकाउंट में कितने पैसे हैं। जितने पैसे आपके पास हैं, उतनी ही शॉपिंग करें और क्रेडिट कार्ड के बिल भुगतान करने वाले खाते से पैसे कभी ना निकालें। बस इतना ही करना है और आपको क्रेडिट कार्ड के सभी फायदे मिलेंगे और किसी जाल में भी नहीं फंसेंगे।