बीकानेर: खिलोना बन कर रहा गई है सिग्नल लाइटें

बीकानेर: खिलोना बन कर रहा गई है सिग्नल लाइटें
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बीकानेर: कीसी शहर के चौराहा पर लगी सिग्नल लाइटे का सही संचालन जहां  एक ओर यातायात को सुगम बनाते है ,  वही दुसरी ओर बाहर से आने वाले पर्यटको के मन मस्तिष्क मे भी शहर की एक तस्वीर बनाते है । बीकानेर शहर के विभिन्न तिराहो ओर चौराहो पर कुल नो सिग्नल लाइटे लगी हुई है ।

रानी बाजार , जुनागढ , पुगल फांटा , म्युजियम सर्कील , म्युजियम के सामने ,सोफीया स्कुल , पंडीत धर्मकॉटा ,कोठारी हॉस्पीटल , कोटगेट सहीत कुल नो पाइन्ट है । पिछले कई वर्षो से यह लाइटे महज खिलोने बन कर रह गई है फिर भी  इनके रख रखाव पर लाखो रूपये खर्च कीये जाते रहे है ओर परिणाम शुन्य है ।

इन लाइटो का संस्थापन युआईटी ओर पी डब्लु डी द्वारा कीया गया था । ओर रखरखाव भी इनके द्वारा ही कीया जाना था । परन्तु महज म्युजियम तिराहे के अलावा सभी  सिग्नल लाइटे महज खिलोनो के अलावा कुछ नही है । म्युजियम तिराहे की लाइट भी करीब तीन माह से बन्द पड़ी है । कुल मिलाकर शहर की सभी सिग्नल लाइटें बन्द है ।

ओर  सड़क पर चलने हर पैदल ओर वाहन चालक अपनी सुरक्षा खुद करने को मजबुर है ।  अपनी जान हथेली पर लेकर पैदल लोग चौराहा क्रोस करते है । प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकी सड़क पर यात्री सुरक्षित  रहे । जहां सड़को पर नियमो का पालन ना करने वालो का चालान काटना यातायात विभाग का अधिकार है तो वहीं दुसरी तरफ उनकी सुरक्षा का दायित्व भी यातायात विभाग का है ।

Bikaner: The correct operation of the signal lights at the intersection of Kisi city, while making the traffic easy on the one hand, on the other hand also creates a picture of the city in the mind of the tourists coming from outside.  There are total no signal lights at various intersections and intersections of Bikaner city.

 Rani Bazar, Junagadh, Pugal Phanta, Museum Circle, Opposite Museum, Sophia School, Pandit Dharmakota, Kothari Hospital, Kotgate Sahit Kul is no point.  For the last many years, these lights have become mere toys, yet lakhs of rupees have been spent on their maintenance and the result is zero.

 These lights were installed by UIT and PWD.  And the maintenance was also to be done by them.  But apart from mere museum tirah, all the signal lights are nothing but mere toys.  The light of the museum tirah has also been turned off for about three months.  Altogether all the signal lights in the city are switched off.

 And every pedestrian and driver walking on the road is compelled to protect himself.  Pedestrians cross the intersection with their lives on their palms.  The administration should pay attention to this so that the passengers on the road are safe.  While it is the right of the traffic department to deduct the challans of those who do not follow the rules on the roads, on the other hand, the responsibility of their safety is also the responsibility of the traffic department.