सौर ऊर्जा से रोशन होंगे ग्रामीण विद्यालय- जिला कलक्टर

बीकानेर। जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि जिले की 700 स्कूलों में विद्युत कनेक्शन होने शेष है। सभी स्कूलों में विद्युत कनेक्शन जल्द से जल्द हो जाए इसके लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही स्थानीय भामाशाह को प्रेरित कर और सरकार की विभिन्न योजनाओं से आर्थिक दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत समिति में 5 स्कूल सौर ऊर्जा से जोड़ी जाएगी। इस तरह जिले में अब अधिकतर स्कूलों में सौर ऊर्जा से विद्युत मिलने लगेगी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अब नए विद्युत कनेक्शन के समय इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूलों में सौर ऊर्जा का कनेक्शन हो। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक दिश-निर्देश दे ताकि जल्द से जल्द विद्यालयों में सौर ऊर्जा कनेक्शन हो सके।

मेहता बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतिमाह 15 विद्यालयों को विद्युतीकरण करने का लक्ष्य सभी बीईओ को दिया गया है और इसकी अनुपालन सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि आने वाले दिनों में जिले में शत प्रतिशत विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन हो सके। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बीकानेर रोल मॉडल हो इसके लिए हम सभी को संयुक्त रूप से प्रयास करने होंगे। इसके तहत सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य और बीयू और जिला शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि एक भी ड्रॉपआउट बच्चा नहीं रहे। उन्होंने कहा कि पिछले शैक्षणिक सत्र में जितने भी बच्चे नामांकित थे वे सभी स्कूलों में रहे साथ ही नए बच्चों को भी प्रवेश देने के लिए प्राचार्य स्थानीय लोगों से बातचीत कर अधिकाधिक बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए प्रोत्साहित करें, इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मौजूद लोगों से भी समय-समय पर बैठक आयोजित करें।

जिला कलक्टर ने कहा कि सभी पंचायत समिति क्षेत्र की स्कूलों में मिड डे मील के तहत खाद्यान्न सामग्री के उठाव व वितरण का कार्य बेहतर तरीके से होना चाहिए। इस कार्य में किसी तरह की परेशानी आती है तो संबंधित बी ई ओ जिला रसद कार्यालय में संपर्क स्थापित कर खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में किचन नहीं बना हुआ है उनके प्रस्ताव ब्लॉक वार बनाकर प्रस्तुत करें ताकि एक कार्य योजना के तहत से सभी स्कूलों में किचन का निर्माण किया जा सके।

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खेल मैदान किए जाएं विकसित
मेहता ने शिक्षिा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिन विद्यालायों में खेल मैदान नहीं है, उसके प्रस्ताव बनाएं। साथ ही जहां खेल मैदान हैं और उनकी चारदीवारी नहीं बनी है ऐसे मैदानों की सूची भी उपलब्ध करवाई जाए ताकि चारदीवारी का निर्माण कार्य मनरेगा सहित अन्य योजनाओं से विद्यालय के खेल मैदान विकसित किए जा सकें । उन्होंने निर्देश दिए कि वे यह भी सुनिश्चित करें कि स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण होता रहे । साथ ही कोविड-19 के तहत कोरोना से बचाव की आईसी भी प्रभावी तरीके से की जाए।

आंगनबाड़ी के लिए कमरा उपलब्ध करवाएं
जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे सभी प्रधानाचार्य को निर्देश देवें कि वे अपने विद्यालय में एक कमरा आंगनबाड़ी के लिए भी आरक्षित कर लें क्योंकि जब महिला बाल विकास विभाग द्वारा किसी राजकीय विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र चलाने के लिए कमरे की मांग करें तो उसे तत्काल कमरा आवंटित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पालनहार योजना के तहत आने वाले विद्यार्थियों को समय पर योजना के तहत आर्थिक इमदाद मिल जाए इसके लिए समाज कल्याण व शिक्षा विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें। किसी भी स्थिति में पात्र एक भी बच्चा योजना के लाभ से वंचित ना रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राजकुमार शर्मा, एडीपीसी हेतराम सारण, कैलाश कुमार सीबीईओ बीकानेर देव सहाय सैनी सहित सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।