शहर के एक थाने को पचास दिन बाद मिला थानाधिकारी, राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते बदलते रहे थे नाम

वैसे तो किसी शहर में एक थानाधिकारी की नियुक्ति बड़ी खबर नहीं है लेकिन बीकानेर के कोटगेट थाने का मामला लीक से हटकर है। राजनीतिक हस्तक्षेप और शहर का सबसे महत्वपूर्ण थाना पचास दिन तक बिना थानेदार रहा तो हर कोई यहां नियुक्ति को लेकर पूरे शहर को उत्सुकता थी। पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा ने कोटगेट सहित पांच थानों के फेरबदल में कोटगेट की जिम्मेदारी मनोज माचरा को सौंप दी है।

मंगलवार शाम जारी एक आदेश में पुलिस अधीक्षक प्रीति ने मनोज माचरा को कोटगेट, सुरेंद्र प्रजापत को महिला थाना, विकास बिश्नोई को पांचू, सत्यनारायण गोदारा को सदर और रमेश न्यौल को महाजन का थानाधिकारी बनाने का आदेश दिया।

कोटगेट महत्वपूर्ण क्यों ?

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दरअसल, पुलिस अधिकारी धरम पुनिया के आरपीएस बनने के बाद से छह जनवरी से थाने में किसी को पदस्थापित नहीं किया गया। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते इस थाने में पदस्थापन अटकता रहा है। कई सीआई स्तर के अधिकारियों का नाम भी आये लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका। शहर के इसी थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा अपराध होते हैं और अपराधियों का जमघट रहता है।