म्हारी सरकार- सुणो मायड़ राजस्थानी भासा री पुकार

 

प्रत्येक व्यक्ति की पहचान उसकी मातृभाषा से होती है, इसमें समाज के कला, संस्कृति,साहित्य ,संस्कार,
इतिहास आद जुड़े होते हैं राजस्थान की मातृभाषा राजस्थानी अपने ही घर में बेगाने होती जा रही है | राजस्थानी को प्रदेश की राजभाषा मनाने की मांग प्रदेशवासी लंबे समय से कर रहे हैं इसी मांग को लेकर राजस्थानी मोटियार परिषद और राजस्थानी छात्र मोर्चा के पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार कें मुख्य सचिव निरंजन आर्य, उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी,राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,पूर्व कॉग्रेस प्रदेशाध्यक्ष, पूर्व उपमुख्यमंत्री टोंक विधायक सचिन पायलट,किशनपोल सें कॉग्रेस विधायक अमिन कागजी,भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां, प्रतिपक्ष उपनेता,चुरू भाजपा विधायक राजेन्द्र सिंह राठौड़,पूर्व चिकित्सा मंत्री नवलगढ़ विधायक डॉ राजकुमार शर्मा,जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग , रतनगढ़ विधायक अभिनेष महर्षि, खींवसर रालोपा विधायक नारायण बेनिवाल,पीसीसी सदस्य सुमेर सिंह चारण से मुलाकात कर 120 मौजूदा विधायको के राजस्थानी को राजभाषा बनाने के मुख्यमंत्री को भेजे पत्रो की प्रतियो सहित बगैर संवैधानिक मान्यता के गोवा, छतीसगढ़ राज्यो में जिन भाषाओ को राजभाषा बनाई गई उन अध्यादेशो की प्रतियां सौंपी | समस्त जनप्रतिनिधियों नें प्रतिनिधि मंडल को विश्वास दिलाया की आपकी मांगो को मौजूदा बजट सत्र में राज्य सरकार के समक्ष सदन में रखा जायेगा ओर पूर्ण करवाया जायेगा |
राजस्थानी भाषा प्रतिनिधि मंडल नें निम्न मांगो को जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा |
1- राजस्थानी भाषा को प्रदेश की राजभाषा बनाना
2- प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा राजस्थानी भाषा में देना
3-प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा का स्वतंत्र विभाग स्थापित करना
4-प्रदेश के कम सें कम 100 राजकीय महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर राजस्थान साहित्य विषय शुरू करना ओर अधिक से अधिक प्रस्ताव मंगवाना |
5- प्रदेश के समस्त जिला और तहसील मुख्यालयों के राउमावि- राबाउमावि में कक्षा 11-12 में कला वर्ग के अंतर्गत राजस्थानी साहित्य विषय शुरू करना ओर अधिक सें अधिक राजस्थानी साहित्य के प्रस्ताव मंगवाना |
6-जिन राजकीय महाविद्यालयो, राउमावि सें राजस्थानी साहित्य विषय संचालित करने के प्रस्ताव सम्बधित विभागो को प्राप्त हुऐ है वहाँ सें विषय सचालन के आदेश किये जाये |
7-राजस्थानी साहित्य के रिक्त कॉलेज सहायक आचार्य,स्कूल व्याख्याता के रिक्त पदों को भरा जाए |
8- राजस्थान सिविल सर्विसेज में अंग्रेजी के पेपर में 50% राजस्थानी भाषा का पाठ्यक्रम जोड़ा जाये |
9- राजस्थान की समस्त प्रतियोगी परीक्षाओ में राजस्थानी भाषा के पाठ्यक्रम को राजस्थानी माध्यम में शामिल किया जाये |
8- 21 फरवरी अन्तराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को प्रदेश में राजस्थानी भाषा दिवस घोषित करना | कांग्रेस प्रवक्ता सुमेरसिंह चारण अजमेर
प्रशात जैन,भरतदान चारण बीकानेर,जगदीश मेघवाल मेघवाल जोधपुर,मगराज मेघवाल बाड़मेर,डॉ शिवसिंह पालावत,अम्बरीश वर्धन जयपुर,महावीर मूंढ,कुलदीप सिंह राजपुरोहित चुरू,अनुज गोदारा हनुमानढ़,सावरमल कुमावत सीकर,कानाराम सिंघल जालोर, सुरेन्द्र स्वामी श्रीगंगानगर,रामसिंह नागोर,भव्यांश मेवाड़ उदयपुर,राजकुमार धोलपुर,भगतसिंह अजमेर आद प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे |