भाषाई सेतू बना यूएस आर्मी का भारतीय प्रिंस

बीकानेर. अमेरिका से युद्धाभ्यास के लिए महाजन आई सेना की टुकड़ी में एक भारतीय मूल का सैनिक भी है। चंडीगढ़ निवासी प्रिंस सिंह हिन्दी, पंजाब और अंग्रेजी को अच्छे से समझते है। सैन्य अभ्यास के दौरान भारतीय सैनिकों और अमेरिकी सैनिकों से संवाद में सेतू बना हुआ है। प्रिंस ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि दोनों देशों की सेना में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों के ही सैनिक नेशन के लिए काम करते है। उन्होंने बताया कि उनके परिजन चंडीगढ़ में रहते थे। वर्ष १९९० में उनक परिवार अमेरिका चला गया। अभी वर्ष २०१४ से यूएस आर्मी में है। प्रिंस ने बताया कि भारत में सात साल बाद आना हुआ है। अमेरिका में सेना के प्रशिक्षण पर बहुत जोर दिया जाता है। अब भारत साथियों से यूएस सेना के साथी बहुत कुछ सीख रहे है। सबसे अच्छी बात है कि वह अमेरिका के सैनिकों और भारतीय सैनिकों की हर बात अच्छे से समझता है और साथियों को भी समझने में मदद करता है।

अनुशासन, खाना और मौसम मस्त

यूएस सैनिकों से जब पत्रिका ने सवाल किया कि भारतीय सैनिकों और यहां की तीन कौनसी चीजें सबसे अच्छी लगी। जवाब में यूएस सैनिक व्यमन ने कहा कि इंडिया आर्मी का अनुशासन दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। यहां के खान-पान ने उसे आकर्षित किया है। साथ ही यहां के मौसम की विविधता भी प्रकृति के विभिन्न रंगों को दर्शाती है।

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