कोरोना टेस्टिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब एक ही व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव और पॉजिटिव दोनों आई। खुद राजस्थान के चीफ जस्टिस के साथ ऐसा हो चुका है। लेकिन ताजा मामला बिना टेस्ट कराए कोरोना पॉजिटिव आने का है और ये रिपोर्ट आई है महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा की। पिछले दिनों मालवीय नगर में कोरोना जांच के लिए शिविर लगा था। इसमें शर्मा के परिवार के सदस्यों से कोरोना की जांच कराई थी, लेकिन व्रत होने की वजह से शर्मा ने टेस्ट नहीं करवाया। लेकिन जब रिपोर्ट आई तो सभी हतप्रभ रह गए। परिवार के सभी सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आई और टेस्ट नहीं करवाने वाली सुमन शर्मा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसे लेकर शर्मा ने जांच पर सवाल उठाए हैं।

शर्मा ने कहा कि मेरे पति के मोबाइल पर मैसेज आया था, जिसमें मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। मुझे आश्चर्य के साथ गुस्सा भी आया। ऐसा लगा कि ये सारी टेस्टिंग फेक है। जिस व्यक्ति ने जांच ही नहीं कराई वो पॉजिटिव कैसे आ सकती है। मैंने चिकित्सक को फोन किया और सारा वाक्या बताया। वो लोग घबरा गए। अगले दिन वो कोरोना की सूचना चस्पा करने आए तो मैंने मना कर दिया।

ये क्या तमाशा हो रहा है

शर्मा ने कहा कि मैं सीएम और चिकित्सा मंत्री से पूछना चाहती हूं कि ये क्या तमाशा हो रहा है। राजस्थान की सरकारी संस्थाओं पर विश्वास करे या नहीं। शर्मा ने अपने देवर के बारे में भी बताया और कहा कि मेरे देवर ने भी कोरोना टेस्ट कराया था। सरकार जांच में वो पॉजिटिव आए, लेकिन हमने प्राइवेट टेस्ट करवाया तो रिपोर्ट निगेटिव आए। मुझे लगता है सब धोखा है। इस गड़बड़झाला की जांच करानी चाहिए। कोरोना बीमारी नहीं बल्कि भय है।

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