बड़ा खुलासा ! IPS गौरव यादव और CI मंजू के नाम से बनाई गई फेक आईडी, भेजी गई फ्रेंड रिक्वेस्ट

  • IPS के नाम की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी का प्रयास
  • बिना सोचे-समझें नहीं करें सोशल मीडिया पर रिक्वेस्ट एक्सेप्ट
  • आईपीएस गौरव यादव की बनाई फेक प्रोफाइल
  • आईपीएस यादव ने करवाई फेक प्रोफाइल ब्लॉक

अजमेर
अजमेर में साइबर ठगी गिरोह लगातार सक्रिय हो रहे हैं। साथ ही साइबर ठगी करने वाले बदमाश अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला है कि यहां आईपीएस और राजस्थान पुलिस के जयपुर सीआईडी सीबी के अधीक्षक गौरव यादव की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर शातिर बदमाश ने ठगी का प्रयास किया है। बताया जा रहा है कि ठग ने इसके लिए उसने पुरानी प्रोफाइल के लोगों को भी जोडऩा शुरू कर दिया है। साथ ही कुछ लोगों को मैसेज भी किए। वह कुछ कर पाता इससे पहले ही आईपीएस यादव से बातचीत होने पर उन्होंने आईडी को ब्लॉक करवा दिया। लिहाजा अब वह आईडी फेसबुक पर नजर भी नहीं आ रही है।


आईडी को लेकर आईपीएस गौरव यादव ने की रिपोर्ट
दरअसल मंगलवार शाम को अचानक मेरी फेसबुक पर गौरव यादव आईपीएस के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। इसे ध्यान से देखा तो इसमें गौरव यादव की लेटेस्ट फोटो लगी हुई थी और आईपीएस लिखा था। जब इस संबंध में आईपीएस यादव से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यह कोई फ्रॉड है, जो उनके नाम से आईडी बनाकर काम में ले रहा है। उन्होंने भी इस संबंध में गंभीरता दिखाते हुए आईडी को रिपोर्ट किया। इसके चलते यह आईडी अब फेसबुक पर नजर आना बंद हो गई है।

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लोग दिमाग लगाए बिना करते हैं रिक्वेस्ट एक्सेप्ट
इस मामले को लेकर साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अक्सर यह देखा जाता है कि हमारे पास भी किसी की फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है ,तो हम इस पर ध्यान नहीं देते और इसे एक्सेप्ट कर लेते हैं। बाद में कई लोग अज्ञानतावश ठगी के शिकार भी हो जाते हैं। नामचीन व्यक्ति की फेसबुक आईडी से पैसे मांगे जाने के बावजूद भी लोग दिमाग नहीं लगाते और रुपए ट्रांस्फर करके ठगी के शिकार बन जाते हैं। ऐसे लोगों का शिकार बनने की बजाय किसी भी फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करने से पहले उसके बारे में पूरी तरह से आश्वस्त हो जाएं।


रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं करें
एक्सपर्ट का कहना है कि यदि कोई आपका मित्र है और वह पहले से आपकी फ्रेंड लिस्ट में जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद भी दूसरी आईडी से रिक्वेस्ट भेज रहा है तो इसके बारे में जब तक आश्वस्त नहीं हो तब तक उसकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं करें। यदि एक्सेप्ट कर भी ली है, तो उसके द्वारा किसी भी तरह का बहाना करने पर भी रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं करें।

सीआई के नाम से भी आई रिक्वेस्ट
इधर यह जानकारी मिली है अजमेर के बांदरसिंदरी थानाधिकारी पुलिस निरीक्षक मंजू मुलेवा के नाम से भी एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई है। उनके परिचितों को रिक्वेस्ट भेजी जा रही है। मुझे भी इस नाम से रिक्वेस्ट मिली है । इस आईडी में शातिर ने ना केवल मंजू मुलेवा की, बल्कि उनके परिवार की फोटो को भी काम में लिया है जिससे कि सामने वाला पूरी तरह से आश्वस्त हो जाए।