नाबालिग बच्ची को किडनैप कर बेचने और दुष्कर्म के मामले में दो महीने बाद 5 आरोपी गिरफ्तार

नाबालिग को किडनैप कर उसे बेचने और दुष्कर्म के मामले में दो महीने बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस केस में पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण स्थानीय लोग काफी गुस्से में थे.

 एक गांव से दो माह पूर्व नाबालिग बच्ची को किडनैप कर उसे 6 लाख 60 हजार में बेच दिये जाने के मामले में पुलिस को दो महीने बाद सफलता हाथ लगी है. नाबालिग को बेचने और खरीदने के मामले में सभी पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

कार्रवाई के संबंध में थानाप्रभारी सत्यनारायण मालव के मुताबिक, थाना क्षेत्र के एक गांव से जावटी कला निवासी रामफूल गुर्जर और रामचरण गुर्जर नामक दो आरोपियों ने नाबालिग बच्ची को किडनैप कर उसे बावङीखेड़ा निवासी नंदकिशोर गुर्जर, रणवीर गुर्जर और जीतमल गुर्जर को 6 लाख 60 हजार में बेच दिया था. पीङ़िता बच्ची के पिता ने गत वर्ष 21 दिसंबर को थाने आकर आरोपियो के विरुद्ध  अपहरण, दुष्कर्म और खरीद-फरोख्त की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, इसके बाद से ही सदर थाना पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी, लेकिन दो महीने से वह खाली हाथ ही रहे थे.

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आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति गुस्सा था. जिसके चलते पीड़ित पिता ने गुरुवार को बूंदी दौरे पर आए जिला प्रभारी मंत्री परसादी लाल मीणा से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई थी. प्रभारी मंत्री मीणा ने पुलिस अधीक्षक शिवराज मीणा को इस मामले में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. पुलिस ने बाल कल्याण समिति और मानव तस्करी टीम बनाकर आरोपियों की तलाश में जुटी थी, लेकिन आरोपियों का दो महीने तक कोई सुराग नहीं लगा सकी. मंत्री की एसपी को निर्देश देने के बाद पुलिस ने एक ही दिन में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

सदर थाना पुलिस ने शुक्रवार को नाबालिग बालिका को किडनैप कर बेचने वाले जावटीकला निवासी रामफूल गुर्जर, रामचरण गुर्जर और उसे खरीदने वाले नंदकिशोर गुर्जर, रणवीर गुर्जर और जीतमल गुर्जर नामक कुल 5 आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया. सदर थाना प्रभारी बूंदी सत्यनारायण मालव से गहनता से पूछताछ की गई है और अब उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा.