दुर्लभ बीमारी की गिरफ्त में युवक, इलाज में लगेंगे 2 करोड़ के इंजेक्शन, सरकार से मदद की गुहार

सरहदी बाड़मेर जिले में एक परिवार के लिए एक दुर्लभ बीमारी घर में वीरानी का आलम लेकर आई है. लाखों लोगों में से किसी एक को होने वाली इस पोम्पे बीमारी के कारण इस परिवार घर के एक सदस्य की जान ले चुकी है. इसकी गिरफ्त में घर का दूसरा सदस्य भी आ गया है. घर की स्थिति ऐसी नहीं है कि इलाज में लगने वाले करोड़ों रुपये खर्च कर पाए. ऐसे में पीड़ित परिवार ने सरकार से मदद की गुहार की है.

बाड़मेर के ललित को दुर्लभतम बीमारी पोम्पे ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है. इसी बीमारी से उसका भाई अपनी जान गंवा चुका है. कभी बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले ललित के लिए अब चल फिर पाना भी मुश्किल हो गया है. ललित के मामा नरेश सोनी बताते हैं कि पोम्पे से एक भांजे की मौत हो गई और अब दूसरा भांजा इसकी चपेट में है. घरवालों ने हर बड़े शहर के विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज के लिए परामर्श लिया है. इलाज के लिए सालाना लगने वाले 2 करोड़ 75 लाख का खर्च उठा पाने की स्थिति में घरवाले नहीं हैं. ऐसे में उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

इस मामले पर डॉक्टर महेंद्र चौधरी बताते है कि ग्लाइकोजन स्टोरेज डिसऑर्डर-2 यानि पोम्पे रोग है. यह रोग करोड़ों में से एक को होता है. उपचार बेहद महंगा होता है. पोम्पे रोग में शरीर की कोशिकाओं में ग्लाइकोजन नामक कॉम्पलैक्स शुगर एकत्रित होती है. शरीर इस प्रोटीन का निर्माण नहीं कर पाता. इसका एकमात्र विकल्प एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी है. इसमें एक साल में 26 इंजेक्शन लगते है. जिनकी कीमत करोड़ो में है.

3

हंसते खेलते परिवार के हर सदस्य की पेशानी में इन दिनों बल साफ नजर आता है. घरवाले बस टकटकी लगाए सरकार की तरफ नजरे गड़ाए हुए हैं.