राजस्थान में जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार ने सभी विभागों के तबादलों पर लगी रोक हटा दी है। राज्य के प्रशासनिक सुधार विभाग ने रोक हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य में कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर तबादलों के सभी आवेदन अब ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। यह आदेश सभी निगम मंडलों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू होंगे।

प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग (ग्रुप 1) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 15 सितंबर से 30 अक्टूबर तक की अवधि में किए जाने वाले तबादलों में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई आचार संहिता का पालन किया जाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विधायकों ने तबादलों से रोक हटाने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री गहलोत ने मंगलवार को देर रात अपने आवास पर मुख्य सचिव राजीव स्वरूप और प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अश्वनी भगत के साथ बैठक की और तबादलों से लगी रोक हटाने को हरी झंडी दे दी। उसके बाद हाल ही में प्रदेश के दौरे पर आए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन के सामने भी पार्टी के अधिकांश विधायकों ने प्रदेश में तबादलों पर लगी रोक हटाने का अनुरोध किया था।

विधायकों के अनुरोध पर माकन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ इस पर मंत्रणा की थी। उसके बाद डोटासरा ने हाल ही में प्रदेश में तबादलों पर लगी रोक हटाने के संकेत दिए थे। इन संकेतों के बाद मुख्यमंत्री ने मंगलवार को देर रात विधायकों की मांग को मानते हुए उसे हरी झंडी दे दी।

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