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कोरोना वायरस के फैलने के कारणों को लेकर कई लोगों के मन में यह आशंका उठती रही है कि क्‍या यह संक्रमण मच्‍छरों से भी फैल सकता है। लेकिन आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। कोरोना महामारी के बुरे दौर के बीच राहत भरी खबर है। वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि मच्‍छरों के काटने से कोरोना संक्रमण नहीं फैलता। यह दावा अमेरिका के वैज्ञानिकों ने किया है। इससे पहले विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने भी यही बात कही थी जो अब और पुष्‍ट हो गई है। यह अध्‍ययन अमेरिका के कंसास की यूनिवर्सिटी की शोध पत्रिका साइंटिफिक रिपोर्ट्स (Journal Scientific Reports) में प्रकाशित हुआ है। इसके सह-लेखक Stephen Higgs का कहना है कि हमने अपने अध्‍ययन में वैज्ञानिक ढंग से प्रमाण जुटाकर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के दावे को और पुख्‍ता किया है। इस अध्‍ययन में यह बताया गया है कि मच्‍छरों की तीन प्रजातियां ऐसी हैं, जिनमें शामिल होने के बावजूद कोरोना वायरस की चेन आगे नहीं बढ़ सकती है।

मच्‍छरों की ये तीन प्रजातियां (Aedes aegypti, Aedes albopictus and Culex quinquefasciatus) कॉमन हैं, जो हर जगह पाई जाती हैं। कोरोना वायरस का री-प्रोडक्‍शन वहां संभव नहीं है। यही कारण है कि मच्‍छरों के माध्‍यम से कोरोना का संक्रमण मनुष्‍य तक नहीं आ सकता। अध्‍ययन में दावे को मजबूत आधार देने के लिए ऐसे आंकड़ों को भी पेश किया गया जो मच्‍छरों से कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना की जांच प्रमाणित करते हों। इसके आधार पर यह पाया गया कि यदि मच्‍छर किसी कोरोना संक्रमित व्‍यक्ति को काट भी ले तो भी संक्रमण इसलिए नहीं फैल सकता क्‍योंकि कोरोना वायरस किसी मच्‍छर के अंदर जिंदा रह पाने में असमर्थ होता है।

लिहाजा, यह बात कंफर्म है कि कोरोना संक्रमण का जिम्‍मेदार मच्‍छरों के काटने को नहीं ठहराया जा सकता। अध्‍ययन के अलावा वैज्ञानिकों ने बाकायदा प्रैक्टिकल भी किया। उन्‍होंने मच्‍छरों के काटे जाने के दो घंटे के अंदर सेंपल भी जुटाए और उसकी जांच की। इन सेंपल के परीक्षण में यह दावा किया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) ने भी पिछले दिनों यही बात कही थी।

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