ईसीबी के छात्रों द्वारा ज़हरीली एवं ज्वलनशील गैस के अनुसंधान हेतु बहुउपयोगी यंत्र का निर्माण, खतरों से करेगा सावधान…..

ईसीबी के छात्रों द्वारा ज़हरीली एवं ज्वलनशील गैस के अनुसंधान हेतु बहुउपयोगी यंत्र का निर्माण, खतरों से करेगा सावधान…..
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बीकानेर,इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक के चौथे वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों गिरीश कुमार जाट, अभिषेक कौशिक, मोहित छेतीजा एवं दीपेश वर्मा ने ज़हरीली एवं ज्वलनशील गैस डिटेक्ट करने वाला बहुउपयोगी उपकरण तैयार किया है। यह उपकरण मीथेन,  एल.पी.जी.,  सी.एन.जी., प्रोपेन,  हाइड्रोजन जैसी अत्यंत ज्वलनशील एवं कार्बन मोनोऑक्साइड, अमोनिया, कार्बोन डाइऑक्साइड,  नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड जैसी अत्यंत जहरीली गैस का बहुत आसानी से पता लगा सकता है।

ऐसे करेगा यह काम

गैस की मात्रा उपकरण में दिए गए लेवल से ज्यादा होते ही डिवाइस एक्टिव हो जाता है, एवं इसमें लगे 2-जी जी.एस.एम. मॉड्यूल की सहायता से किसी नंबर पर अलर्ट का स्वचालित मैसेज भेज देता है। साथ ही डिवाइस में लगी एल.सी.डी. पर आप गैस की मात्रा और अलर्ट को देख सकते हैं, आस पास के लोगों को सावधान करने के लिए इसमें एक साउंड अलार्म भी है। इस पूरे उपकरण आरदुइनो मॉड्यूल से कंट्रोल किया जाता है। उपकरण का विद्युत खर्च एक साधारण मोबाइल के चार्जर जितना ही है। डिवाइस की खास बात यह है कि कार्बोन मोनोऑक्साइड जैसी गैस जिसका कोई रंग नहीं होता, एवं इस गैस की कोई गंध भी नहीं होती, उसका भी पता लगा के अलर्ट भेज सकता है क्योंकि यह गैस काफी जहरीली होती है।

इस यंत्र के निर्माण में तकनीकी निर्देशन प्रदान करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेंद्र भादू ने बताया कि इस उपकरण में लगे सेंसर अत्यधिक धुआँ होने पर भी एक्टिव हो जाते हैं, जिससे आग लगने का अलर्ट भी मिल जाता है। इस उपकरण का इस्तेमाल घर, आफिस, एवं उन इंडस्ट्रीज या फैक्ट्रीज में किया जा सकता है, जहाँ पर अत्यधिक रूप से ज्वलनशील गैस का इस्तेमाल होता है, या जहाँ जहरीली गैस के रिसाव का खतरा बना रहता है। इस उपकरण के कार्य करने के तरीके या गैस की मात्रा को मापने के लिए कोई भी अनुकूल परिवर्तन केवल इसके प्रोग्राम को बदलने से हो जाता है।

उपकरण का इतना है खर्चा

इलेक्ट्रिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विकास शर्मा में बताया कि डिवाइस का कुल खर्च तीन हज़ार रुपये से नीचे है एवं डिवाइस बिना किसी रखरखाव के लंबे समय तक चल सकता है। विधुत विभाग के इस शोध पर ईसीबी के प्राचार्य डॉ जय प्रकाश भामू एवं जन सम्पर्क अधिकारी डॉ नवीन शर्मा ने बधाई प्रेषित करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के शोध कार्यो को जारी रखने की सलाह दी।

इन इंडस्ट्रीज में है उपयोगिता

पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री, कार में उपयोग होने वाली सीएनजी गैस लीकेज, इलेक्ट्रिकल व्हीकल में गैस लीकेज, घर में एलपीजी सिलिंडर लीकेज होने पर, उर्वरक उद्योग, इलेक्ट्रो मैकेनिकल इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, बैटरी से संचालित होने वाले वाहन इत्यादि में ये उपकरण उपयोगी है।

Girish Kumar Jat, Abhishek Kaushik, Mohit Chetija and Deepesh Verma, students studying in the fourth year of B.Tech in Electrical Engineering of Engineering College, Bikaner, have designed a multi-use device for detecting poisonous and flammable gas. This instrument can detect extremely flammable gas like methane, LPG, CNG, propane, hydrogen and extremely toxic gas like carbon monoxide, ammonia, carbon dioxide, nitrogen dioxide, sulfur dioxide very easily. .

it will work like this

The device becomes active as soon as the amount of gas exceeds the given level in the device, and it is fitted with 2-G GSM. Automatically sends an alert message to any number with the help of the module. Also the LCD installed in the device. But you can check the gas volume and alert, it also has a sound alarm to alert people nearby. This entire device is controlled from Arduino module. The power cost of the device is the same as that of an ordinary mobile charger. The special feature of the device is that a gas like carbon monoxide, which has no color, and no smell of this gas, can also be detected and sent alerts because this gas is very poisonous.

Assistant Professor Dr. Mahendra Bhadu, who provided technical guidance in the manufacture of this device, said that the sensors installed in this device become active even when there is excessive smoke, due to which the alert of fire is also received. This device can be used at home, office, and in industries or factories where highly flammable gas is used, or where there is a risk of toxic gas leakage. Any favorable change to the way this instrument works or to measure the amount of gas is made simply by changing its program.

equipment cost so much

Dr Vikas Sharma, Head of the Department of Electrical Department told that the total cost of the device is less than three thousand rupees and the device can last for a long time without any maintenance. Congratulating the ECB Principal Dr. Jai Prakash Bhamu and Public Relations Officer Dr. Naveen Sharma on this research of the Electricity Department, while congratulating them, they advised to continue such research work in future also.

There is utility in these industries

This device is useful in petrochemical industry, CNG gas leakage used in car, gas leakage in electrical vehicle, LPG cylinder leakage at home, fertilizer industry, electro mechanical industry, automobile industry, battery operated vehicles etc.